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GoldPriceToday – अक्षय तृतीया से पहले सोना-चांदी में बढ़त

GoldPriceToday – अक्षय तृतीया से पहले सर्राफा बाजार में हलचल तेज हो गई है और सोने-चांदी की कीमतों में बढ़त दर्ज की जा रही है। वैश्विक स्तर पर कमजोर डॉलर और अमेरिका-ईरान के बीच तनाव कम होने की उम्मीदों ने कीमती धातुओं को सहारा दिया है। गुरुवार सुबह मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोने का भाव हल्की तेजी के साथ ऊपर कारोबार करता दिखा, वहीं चांदी में भी मजबूत उछाल दर्ज किया गया। बाजार में यह तेजी ऐसे समय आई है जब त्योहारों और शादी के सीजन की मांग भी धीरे-धीरे बढ़ने लगी है।

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अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दिखी मजबूती

घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सोने और चांदी की कीमतों में बढ़त देखी गई है। वैश्विक बाजार में सोना प्रति औंस ऊंचे स्तर पर पहुंचा, जबकि चांदी में भी उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई। विश्लेषकों का मानना है कि कमजोर होता डॉलर और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच निवेशकों का झुकाव सुरक्षित विकल्पों की ओर बढ़ा है, जिससे इन धातुओं की कीमतों को समर्थन मिला है।

किन कारणों से बढ़ रहे हैं दाम

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका की ओर से पश्चिम एशिया में जारी तनाव कम होने के संकेत दिए गए हैं। ईरान के साथ बातचीत के अगले दौर की संभावना भी जताई जा रही है, जिससे बाजार में सकारात्मक माहौल बना है। यदि यह बातचीत आगे बढ़ती है, तो कच्चे तेल की कीमतों में और नरमी आ सकती है। इससे महंगाई पर दबाव घटेगा और वैश्विक अर्थव्यवस्था को राहत मिलेगी, जिसका असर कमोडिटी बाजार पर भी पड़ रहा है।

निवेशकों की रणनीति पर नजर

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा समय में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, डॉलर की चाल और कच्चे तेल की कीमतें इन पर असर डालती रहेंगी। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि गिरावट आने पर खरीदारी करना एक संतुलित रणनीति हो सकती है, क्योंकि लंबी अवधि में इन धातुओं की मांग बनी रह सकती है।

आगे क्या रह सकता है रुख

विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर अमेरिका और ईरान के बीच समझौता हो जाता है, तो कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आ सकती है, जिससे सोने पर दबाव बन सकता है। वहीं अगर बातचीत में कोई रुकावट आती है, तो निवेशक फिर से सुरक्षित निवेश की ओर रुख कर सकते हैं, जिससे सोना और चांदी मजबूत हो सकते हैं। ऐसे में बाजार की दिशा काफी हद तक वैश्विक घटनाओं पर निर्भर रहेगी।

त्योहार और शादी का सीजन दे रहा सहारा

घरेलू बाजार में भी मांग के स्तर पर सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। अक्षय तृतीया और शादी के सीजन के चलते ज्वैलर्स की खरीदारी बढ़ने लगी है। यही वजह है कि स्थानीय स्तर पर भी कीमतों को सपोर्ट मिल रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मांग आने वाले दिनों में और मजबूत हो सकती है, जिससे कीमतों में स्थिरता बनी रह सकती है।

निवेश से पहले सावधानी जरूरी

विशेषज्ञ निवेशकों को सलाह देते हैं कि वे बाजार की चाल को ध्यान में रखते हुए ही निर्णय लें। सोने-चांदी में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन होता है, इसलिए जल्दबाजी से बचना जरूरी है। कीमतों में छोटे उतार-चढ़ाव के दौरान अवसर तलाशना बेहतर माना जाता है, लेकिन इसके लिए सतर्कता और सही जानकारी जरूरी है।

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