GoldSilverPrice – एमसीएक्स पर सोना-चांदी में भारी गिरावट, निवेशकों की बढ़ी चिंता
GoldSilverPrice – घरेलू वायदा बाजार में गुरुवार को सोना और चांदी दोनों दबाव में दिखाई दिए। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर कारोबार की शुरुआत के साथ ही दोनों कीमती धातुओं में तेज बिकवाली दर्ज की गई, जिससे कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट देखने को मिली। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक आर्थिक संकेतों और ब्याज दरों से जुड़े घटनाक्रमों का असर घरेलू बाजार पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

एमसीएक्स में अगस्त डिलीवरी वाले सोने के अनुबंध में शुरुआती कारोबार के दौरान करीब एक प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। वहीं चांदी के जुलाई अनुबंध में भी कमजोरी का रुख बना रहा और कीमतें पिछले सत्र के मुकाबले काफी नीचे खुलीं। कारोबार के शुरुआती घंटों में निवेशकों की सतर्कता के कारण बिकवाली का दबाव लगातार बना रहा।
शुरुआती कारोबार में बढ़ी गिरावट
बाजार खुलने के बाद सोने की कीमतें और नीचे फिसल गईं। कारोबार के दौरान यह अपने दिन के निचले स्तर तक पहुंच गया। चांदी में भी गिरावट का दायरा बढ़ा और इसकी कीमतों में दो प्रतिशत से अधिक की कमी दर्ज की गई। जानकारों का कहना है कि वैश्विक संकेतों और निवेशकों की बदली हुई धारणा के कारण कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है।
वैश्विक बाजार में अलग रहा रुख
घरेलू बाजार में कमजोरी के विपरीत अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में उछाल देखने को मिला। वैश्विक स्तर पर निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में सोने की ओर रुख किया, जिससे इसके दाम बढ़े। विशेषज्ञों के मुताबिक ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव और महंगाई संबंधी अपेक्षाओं में बदलाव ने सोने को समर्थन दिया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। चांदी ने भी वैश्विक स्तर पर मजबूती दिखाई और इसके भाव में अच्छी बढ़त देखने को मिली। हालांकि विदेशी बाजार की यह मजबूती घरेलू वायदा बाजार में तत्काल प्रभाव नहीं दिखा सकी।
ब्याज दरों का असर बना प्रमुख कारण
विश्लेषकों का मानना है कि सोने की कीमतों पर सबसे बड़ा दबाव अमेरिकी मौद्रिक नीति से जुड़ी अपेक्षाओं के कारण बना है। जब ब्याज दरें ऊंची रहती हैं या उनके बढ़ने की संभावना मजबूत होती है, तब निवेशक ऐसे विकल्पों की ओर झुकते हैं जो निश्चित रिटर्न प्रदान करते हैं। चूंकि सोना ब्याज नहीं देता, इसलिए ऊंची दरों के माहौल में इसकी मांग प्रभावित हो सकती है।
इसके अलावा डॉलर की मजबूती और बॉन्ड प्रतिफल में बढ़ोतरी भी सोने के लिए अनुकूल नहीं मानी जाती। हाल के दिनों में यही कारक कीमती धातुओं के बाजार को प्रभावित करते दिखाई दिए हैं।
फेडरल रिजर्व के संकेतों पर बाजार की नजर
अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने हालिया बैठक में अपनी प्रमुख ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया, लेकिन भविष्य को लेकर सख्त संकेत दिए हैं। फेड के कई नीति-निर्माताओं का मानना है कि महंगाई पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए आगे भी सख्त रुख अपनाना पड़ सकता है।
इन संकेतों के बाद वैश्विक वित्तीय बाजारों में ब्याज दरों को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। निवेशकों की अपेक्षाओं में बदलाव का असर सोने और चांदी जैसे निवेश विकल्पों पर भी दिखाई दे रहा है।
विशेषज्ञों ने बताए महत्वपूर्ण स्तर
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार फिलहाल सोने का रुख कमजोर बना हुआ है। उनका कहना है कि कुछ प्रमुख स्तरों के ऊपर टिके बिना इसमें स्थायी मजबूती की संभावना सीमित रह सकती है। वहीं चांदी में भी दबाव बना हुआ है, हालांकि कारोबार के दौरान सीमित सुधार देखने को मिल सकता है।
निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए सावधानीपूर्वक निर्णय लें और किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय अवश्य लें।