InvestmentDeal – अडानी समूह की दो कंपनियों में बड़ी हिस्सेदारी बिक्री
InvestmentDeal – अमेरिका की निवेश फर्म GQG Partners ने अडानी समूह की दो प्रमुख कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेच दिया है। यह सौदा ब्लॉक डील के माध्यम से किया गया, जिसकी कुल अनुमानित कीमत करीब 5,750 करोड़ रुपये रही। बाजार से मिली जानकारी के अनुसार, इस हिस्सेदारी को SBI Mutual Fund ने खरीद लिया है।

यह लेनदेन ऐसे समय में सामने आया है जब अडानी समूह की कई कंपनियों के शेयरों में पिछले एक वर्ष के दौरान उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई है। निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों की नजर अब इस सौदे के संभावित प्रभाव पर बनी हुई है।
कौन-कौन से शेयर बेचे गए
NSE के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, GQG Partners Emerging Markets Equity Fund ने अडानी एंटरप्राइजेज और अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस में अपनी हिस्सेदारी का हिस्सा बाजार में उतारा।
ब्लॉक डील के तहत अडानी एंटरप्राइजेज के लगभग 1.64 करोड़ शेयर 2,913.40 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बेचे गए। इस सौदे का आकार करीब 4,789 करोड़ रुपये रहा। वहीं अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस के 63.66 लाख शेयर 1,504.80 रुपये प्रति शेयर की दर से बेचे गए, जिनकी कुल कीमत लगभग 958 करोड़ रुपये आंकी गई।
दोनों लेनदेन को मिलाकर कुल सौदे का मूल्य करीब 5,747 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
शेयरों में तेजी के बाद आया कदम
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यह सौदा हालिया तेजी के बाद आंशिक मुनाफावसूली की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। पिछले कुछ वर्षों में अडानी समूह की कंपनियों ने उल्लेखनीय उतार-चढ़ाव का सामना किया है।
साल 2023 में अमेरिकी रिसर्च फर्म हिंडनबर्ग की रिपोर्ट आने के बाद समूह की कई कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई थी। उस दौर में निवेशकों का भरोसा प्रभावित हुआ था, लेकिन बाद के महीनों में समूह ने कारोबारी प्रदर्शन और वित्तीय मजबूती पर फोकस करते हुए स्थिति को काफी हद तक संभाला।
हिंडनबर्ग विवाद के बाद GQG ने जताया था भरोसा
GQG Partners उन शुरुआती वैश्विक निवेशकों में शामिल रही, जिन्होंने चुनौतीपूर्ण दौर में अडानी समूह में निवेश कर बाजार का ध्यान खींचा था। उस समय कंपनी ने समूह की विभिन्न इकाइयों में बड़े पैमाने पर निवेश किया था, जिसे निवेशकों के भरोसे की वापसी के संकेत के रूप में देखा गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि उस निवेश के बाद समूह ने अपने कर्ज प्रबंधन, नकदी प्रवाह और संचालन क्षमता को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम किया। इसका असर कई कंपनियों के वित्तीय नतीजों और बाजार मूल्यांकन में भी दिखाई दिया।
समूह की प्रमुख कंपनियों की भूमिका
अडानी एंटरप्राइजेज समूह की प्रमुख फ्लैगशिप कंपनी मानी जाती है। कंपनी हवाई अड्डों, सड़क परियोजनाओं, डेटा सेंटर, ग्रीन हाइड्रोजन और खनन सेवाओं जैसे कई क्षेत्रों में सक्रिय है। इसे समूह के नए और उभरते कारोबारों का प्रमुख मंच भी माना जाता है।
वहीं अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस देश की प्रमुख निजी क्षेत्र की बिजली ट्रांसमिशन कंपनियों में शामिल है। कंपनी स्मार्ट मीटरिंग और बिजली वितरण से जुड़े बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में भी अपनी उपस्थिति लगातार बढ़ा रही है।
बाजार की रहेगी नजर
इतने बड़े संस्थागत सौदे के बाद बाजार सहभागियों की निगाह अब दोनों कंपनियों के शेयर प्रदर्शन पर रहेगी। निवेशक यह भी देखेंगे कि इस ब्लॉक डील का शेयरों की कीमत और निवेशकों की धारणा पर क्या प्रभाव पड़ता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, किसी बड़े निवेशक द्वारा हिस्सेदारी कम करना हमेशा नकारात्मक संकेत नहीं माना जाता, क्योंकि कई बार यह केवल पोर्टफोलियो संतुलन या लाभ बुकिंग की प्रक्रिया का हिस्सा होता है।