IPO – मिलवर्क्स टेक्नोलॉजीज की मजबूत लिस्टिंग, पहले दिन निवेशकों को मिला बड़ा रिटर्न
IPO– शेयर बाजार में मिलवर्क्स टेक्नोलॉजीज की शुरुआत उम्मीदों से कहीं अधिक मजबूत रही। कंपनी के शेयर मंगलवार को बीएसई पर 628.90 रुपये के भाव पर सूचीबद्ध हुए, जबकि आईपीओ का निर्गम मूल्य 331 रुपये प्रति शेयर तय किया गया था। इस तरह लिस्टिंग के समय ही निवेशकों को करीब 90 प्रतिशत का लाभ मिला। कंपनी का सार्वजनिक निर्गम 14 जुलाई से 16 जुलाई के बीच निवेश के लिए खुला था और इसका कुल आकार लगभग 160 करोड़ रुपये था।

लिस्टिंग के बाद भी जारी रही तेजी
शेयर बाजार में प्रवेश के तुरंत बाद मिलवर्क्स टेक्नोलॉजीज के शेयरों में खरीदारी का रुझान बना रहा। शुरुआती कारोबार में स्टॉक करीब 5 प्रतिशत और चढ़कर 660.30 रुपये तक पहुंच गया। इस स्तर पर शेयर का मूल्य आईपीओ कीमत की तुलना में लगभग दोगुना हो गया। मजबूत प्रदर्शन के चलते कंपनी का बाजार पूंजीकरण भी तेजी से बढ़ा और यह 1,163 करोड़ रुपये के स्तर को पार कर गया। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि शुरुआती कारोबार में निवेशकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया ने शेयर को अतिरिक्त मजबूती दी।
निवेशकों का जबरदस्त भरोसा दिखा
कंपनी के आईपीओ को निवेशकों से शानदार प्रतिक्रिया मिली थी। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार यह निर्गम कुल 219.54 गुना सब्सक्राइब हुआ। खुदरा निवेशकों के हिस्से में लगभग 216.60 गुना आवेदन प्राप्त हुए, जबकि गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) की श्रेणी में 260.37 गुना मांग दर्ज की गई। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का कोटा भी 194.05 गुना भरा। खुदरा निवेशकों को अधिकतम दो लॉट के लिए आवेदन करने की अनुमति थी, जिसमें कुल 800 शेयर शामिल थे।
किन क्षेत्रों के लिए काम करती है कंपनी
मिलवर्क्स टेक्नोलॉजीज प्रिसिशन इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में कार्यरत कंपनी है। इसकी स्थापना नवंबर 2021 में हुई थी। कंपनी रेलवे, मेट्रो रेल, एयरोस्पेस, डिफेंस, ड्रोन और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले प्रिसिशन कंपोनेंट्स और असेंबली तैयार करती है। इसके उत्पादों में रेलवे कोच के पुर्जे, ब्रेकिंग सिस्टम, डोर मैकेनिज्म, मेट्रो ट्रेन कप्लर्स, एयरोस्पेस कंपोनेंट्स, ड्रोन पार्ट्स और सेमीकंडक्टर निर्माण उपकरणों में इस्तेमाल होने वाले विशेष पुर्जे शामिल हैं।
जुटाई गई राशि का होगा इन कार्यों में उपयोग
कंपनी ने जानकारी दी है कि आईपीओ से प्राप्त पूंजी का उपयोग उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए नई प्लांट एवं मशीनरी खरीदने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों पर किया जाएगा। सार्वजनिक निर्गम के बाद कंपनी की शेयरहोल्डिंग संरचना में भी बदलाव आया है। आईपीओ से पहले प्रमोटरों की हिस्सेदारी 65.08 प्रतिशत थी, जो अब घटकर 47.18 प्रतिशत रह गई है। यह बदलाव सूचीबद्ध होने के बाद इक्विटी हिस्सेदारी के स्वाभाविक पुनर्गठन का हिस्सा माना जा रहा है।