IPOUpdate – पहली तिमाही में बढ़ा एनएसई का मुनाफा, आईपीओ की तैयारी को मिली रफ्तार
IPOUpdate – नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल-जून तिमाही के नतीजे जारी करते हुए शुद्ध लाभ में बढ़ोतरी दर्ज की है। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर लगभग 7 प्रतिशत बढ़कर 3,120 करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह आंकड़ा 2,924 करोड़ रुपये था। बेहतर वित्तीय प्रदर्शन के साथ-साथ लंबे समय से लंबित कानूनी मामले के समाधान ने भी कंपनी के प्रस्तावित आईपीओ को लेकर उम्मीदें बढ़ा दी हैं।

कुल आय में भी दर्ज हुई बढ़ोतरी
एनएसई के अनुसार चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में उसकी कुल आय बढ़कर 5,252 करोड़ रुपये हो गई, जबकि एक वर्ष पहले इसी अवधि में यह 4,798 करोड़ रुपये थी। इस तरह कंपनी की कुल आय में लगभग 9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। बाजार में बढ़ती गतिविधियों और विभिन्न सेवाओं से हुई आय ने इस प्रदर्शन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
लेनदेन शुल्क बना आय का प्रमुख स्रोत
तिमाही के दौरान लेनदेन शुल्क से होने वाली आय बढ़कर 3,623 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 3,154 करोड़ रुपये थी। इसके अलावा डेटा कनेक्टिविटी सेवाओं से 258 करोड़ रुपये, ऑपरेटिंग निवेश आय से 234 करोड़ रुपये और डेटा फीड एवं टर्मिनल सेवाओं से 150 करोड़ रुपये की आमदनी दर्ज की गई। इन सभी स्रोतों ने कंपनी की कुल आय को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई।
पुराने विवाद के समाधान से मिली राहत
एनएसई को को-लोकेशन और डार्क फाइबर से जुड़े लंबे समय से चले आ रहे मामले में भी राहत मिली है। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने इस मामले में लगभग 1,491.21 करोड़ रुपये के सेटलमेंट पर सहमति जताई है। कंपनी के निदेशक मंडल ने भी इस समझौते को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के साथ वर्षों से लंबित कानूनी विवाद समाप्त होने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
क्या था को-लोकेशन विवाद
यह मामला वर्ष 2015 में सामने आया था, जब कुछ ब्रोकरों को को-लोकेशन सुविधा के माध्यम से अन्य बाजार सहभागियों की तुलना में तेज पहुंच मिलने के आरोप लगे थे। दरअसल, एनएसई ने वर्ष 2009 में को-लोकेशन सुविधा शुरू की थी, जिसके तहत सदस्यों को एक्सचेंज परिसर में सर्वर लगाने की अनुमति दी जाती थी। बाद में कुछ पक्षों ने आरोप लगाया कि कुछ ब्रोकरों को अनुचित तकनीकी लाभ मिला, जिसके बाद नियामकीय जांच शुरू हुई।
आईपीओ की दिशा में बढ़े कदम
लंबे समय से अपने आईपीओ की तैयारी कर रही एनएसई के लिए यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कंपनी ने जून में रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) दाखिल किया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार प्रस्तावित आईपीओ में लगभग 149 मिलियन शेयर ऑफर फॉर सेल के माध्यम से पेश किए जाएंगे। रिपोर्टों के मुताबिक इस सार्वजनिक निर्गम का अनुमानित आकार करीब 29,780 करोड़ रुपये हो सकता है। हालांकि अंतिम आकार और समय का निर्धारण नियामकीय मंजूरी और बाजार परिस्थितियों के आधार पर होगा।