LPGCylinder – सब्सिडी के सहारे करोड़ों परिवारों को मिल रही राहत
LPGCylinder – अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत में रसोई गैस उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत मिल रही है। सरकारी समर्थन और सब्सिडी व्यवस्था की वजह से करोड़ों परिवारों को एलपीजी सिलेंडर उसकी वास्तविक आपूर्ति लागत से काफी कम कीमत पर उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव पड़ने से बचा है, खासकर उन परिवारों के लिए जो रसोई गैस पर पूरी तरह निर्भर हैं।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, एक घरेलू एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति लागत लगभग 1,200 रुपये के आसपास बताई जा रही है। इसके बावजूद उपभोक्ताओं को यह काफी कम कीमत पर मिल रहा है। यही कारण है कि वैश्विक स्तर पर कीमतों में बढ़ोतरी का पूरा असर आम ग्राहकों तक नहीं पहुंचा है।
उज्ज्वला लाभार्थियों को सबसे अधिक फायदा
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत आने वाले लाभार्थियों को रसोई गैस सिलेंडर और भी कम कीमत पर उपलब्ध कराया जा रहा है। योजना से जुड़े परिवारों को एक सिलेंडर के लिए करीब 613 रुपये का भुगतान करना पड़ता है। यह राशि वास्तविक लागत से काफी कम है।
वहीं सामान्य घरेलू उपभोक्ताओं के लिए भी सिलेंडर की कीमत आपूर्ति लागत से नीचे रखी गई है। अधिकांश शहरों में बिना अतिरिक्त सब्सिडी वाले ग्राहकों को भी लगभग 913 रुपये के आसपास एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध हो रहा है।
पड़ोसी देशों की तुलना में कम कीमत
भारत में एलपीजी की कीमतें कई पड़ोसी देशों की तुलना में अपेक्षाकृत कम बनी हुई हैं। उपलब्ध बाजार आंकड़ों के अनुसार, श्रीलंका में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 1,241 रुपये से अधिक है। नेपाल में इसकी कीमत लगभग 1,207 रुपये बताई जाती है, जबकि पाकिस्तान में भी उपभोक्ताओं को 1,046 रुपये के आसपास खर्च करना पड़ता है।
इसके मुकाबले भारत में रसोई गैस की कीमत अपेक्षाकृत कम होने से उपभोक्ताओं को राहत मिल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसका प्रमुख कारण सरकारी सहायता और मूल्य संतुलन की नीति है।
तेल कंपनियों पर बढ़ रहा वित्तीय दबाव
एलपीजी की वास्तविक लागत और उपभोक्ताओं से वसूली जाने वाली कीमत के बीच मौजूद अंतर का असर तेल विपणन कंपनियों पर पड़ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले वित्तीय वर्ष में सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को एलपीजी बिक्री के कारण हजारों करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।
अनुमान लगाया जा रहा है कि चालू वर्ष में यह वित्तीय दबाव और बढ़ सकता है। कंपनियों को राहत देने के लिए सरकार की ओर से वित्तीय सहायता और मुआवजा उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है, जिससे उपभोक्ताओं को राहत जारी रखी जा सके।
प्रमुख शहरों में घरेलू सिलेंडर के दाम
राजधानी दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 913 रुपये निर्धारित है। वहीं 5 किलोग्राम वाले छोटे सिलेंडर के लिए उपभोक्ताओं को 339 रुपये चुकाने पड़ते हैं। 10 किलोग्राम के एक्स्ट्रालाइट सिलेंडर की कीमत करीब 652 रुपये है।
अन्य शहरों की बात करें तो चंडीगढ़ में घरेलू सिलेंडर 922.50 रुपये, इंदौर में 941 रुपये, पटना में 1,011 रुपये और रायपुर में लगभग 984.50 रुपये में उपलब्ध है। गुरुग्राम, नोएडा, भुवनेश्वर, अहमदाबाद, देहरादून, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे शहरों में भी स्थानीय करों और परिवहन लागत के आधार पर कीमतों में कुछ अंतर देखने को मिलता है।
कमर्शियल सिलेंडर की कीमतें ऊंचे स्तर पर
व्यावसायिक उपयोग के लिए इस्तेमाल होने वाले 19 किलोग्राम एलपीजी सिलेंडर की कीमत घरेलू सिलेंडर की तुलना में काफी अधिक है। दिल्ली में इसका दाम 3,113.50 रुपये के आसपास है। लखनऊ, मुंबई और चेन्नई जैसे शहरों में भी कमर्शियल सिलेंडर तीन हजार रुपये से अधिक की कीमत पर बिक रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में जारी अनिश्चितता और आयात लागत का असर कमर्शियल गैस कीमतों पर अधिक दिखाई देता है, जबकि घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए अलग मूल्य नीति लागू की जाती है।