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बिज़नेस

LPGPrice – वैश्विक तनाव के बीच गैस कीमतों पर असर, रेट स्थिर

LPGPrice – मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का असर अब ऊर्जा बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है। इजरायल, ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्षेत्र में आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे तेल और गैस की कीमतों में दबाव बना हुआ है। हालांकि, 6 अप्रैल को घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है और उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत मिली है। पिछली बार मार्च में घरेलू सिलेंडर महंगा हुआ था, जिसके बाद से कीमतें स्थिर बनी हुई हैं।

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कॉमर्शियल सिलेंडर पहले ही हो चुका है महंगा

सरकारी तेल कंपनियों ने 1 अप्रैल को कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाए थे। 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमत में 195.50 रुपये की वृद्धि दर्ज की गई, जिसके बाद राजधानी दिल्ली में इसका रेट 2078.50 रुपये तक पहुंच गया। अन्य महानगरों में भी कीमतों में अंतर देखने को मिला, जहां मुंबई में यह करीब 2031 रुपये, कोलकाता में 2208 रुपये और बेंगलुरु में 2246.50 रुपये के आसपास रहा। इससे पहले भी कीमतों में बढ़ोतरी की गई थी, जिससे व्यावसायिक उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है।

घरेलू उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत

घरेलू उपयोग के लिए 14.2 किलोग्राम एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में अभी कोई नई वृद्धि नहीं की गई है। मार्च महीने में हुए संशोधन के बाद दिल्ली में इसकी कीमत 913 रुपये के आसपास बनी हुई है। मुंबई में यह करीब 912.50 रुपये, कोलकाता में 939 रुपये और चेन्नई में 928.50 रुपये पर स्थिर है। इसी तरह पटना, लखनऊ और चंडीगढ़ जैसे शहरों में भी कीमतें पहले जैसी ही बनी हुई हैं। इससे आम उपभोक्ताओं को तत्काल राहत जरूर मिली है, लेकिन आगे की स्थिति पूरी तरह वैश्विक हालात पर निर्भर करेगी।

छोटे सिलेंडर की मांग में तेजी

सरकार की ओर से छोटे यानी 5 किलोग्राम एलपीजी सिलेंडर को बढ़ावा देने की रणनीति असर दिखा रही है। पिछले कुछ दिनों में इन सिलेंडरों की बिक्री में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आंकड़ों के अनुसार, महज दो सप्ताह के भीतर 6.6 लाख से अधिक छोटे सिलेंडर की बिक्री हुई है। यह संकेत देता है कि उपभोक्ता अब कम लागत वाले विकल्पों की ओर भी रुख कर रहे हैं।

आपूर्ति पर अभी नहीं पड़ा बड़ा असर

हालांकि वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, लेकिन देश के भीतर एलपीजी की उपलब्धता फिलहाल सामान्य बनी हुई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी तरह की कमी की स्थिति नहीं है और आपूर्ति सुचारू रूप से जारी है। तेल कंपनियों को उत्पादन बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं ताकि भविष्य में किसी तरह की दिक्कत न हो।

वैश्विक हालात पर टिकी आगे की तस्वीर

भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है, ऐसे में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में किसी भी प्रकार की बाधा का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ सकता है। हाल के दिनों में कुछ एलपीजी टैंकर इस मार्ग से सुरक्षित गुजर चुके हैं, लेकिन यदि तनाव बना रहता है तो आने वाले समय में कीमतों और आपूर्ति दोनों पर असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्थिति सामान्य होने तक बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है।

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