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LPGPrices – बिना बदलाव जारी हुए घरेलू और कॉमर्शियल सिलेंडर के रेट

LPGPrices – सरकार ने शनिवार को एलपीजी सिलेंडर के ताजा दाम जारी कर दिए हैं, लेकिन उपभोक्ताओं को फिलहाल किसी बदलाव की राहत नहीं मिली है। घरेलू और कॉमर्शियल दोनों श्रेणियों में कीमतें पहले की तरह ही बनी हुई हैं। घरेलू सिलेंडर के दाम में आखिरी बार 7 मार्च को बढ़ोतरी की गई थी, जिसके बाद से दरें स्थिर हैं। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और आपूर्ति से जुड़े दबाव के बावजूद अभी तक कीमतों में कोई नया संशोधन नहीं किया गया है।

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मार्च में हुई थी आखिरी बढ़ोतरी

मार्च महीने में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये का इजाफा किया गया था। इसके बाद से कीमतों में स्थिरता बनी हुई है। हालांकि, कॉमर्शियल सिलेंडर की बात करें तो इसमें दो बार वृद्धि दर्ज की जा चुकी है। मार्च में 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमत में 144 रुपये और अप्रैल में 205 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई थी, जिससे होटल और रेस्टोरेंट जैसे व्यवसायों पर अतिरिक्त बोझ पड़ा।

प्रमुख शहरों में घरेलू सिलेंडर के दाम

देश के अलग-अलग शहरों में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतें स्थानीय करों के कारण अलग-अलग हैं। दिल्ली में सिलेंडर 913 रुपये में उपलब्ध है, जबकि मुंबई में इसकी कीमत 912.50 रुपये है। कोलकाता और भुवनेश्वर में यह 939 रुपये तक पहुंच गया है। वहीं, पटना में घरेलू सिलेंडर की कीमत 1000 रुपये से अधिक बनी हुई है। लखनऊ, जयपुर और हैदराबाद जैसे शहरों में भी कीमतें 900 से 950 रुपये के बीच हैं।

कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमतें भी स्थिर

कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दामों में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है। दिल्ली में यह 2078.50 रुपये पर मिल रहा है, जबकि कोलकाता में इसकी कीमत 2208.50 रुपये है। मुंबई में यह अपेक्षाकृत सस्ता है, जहां कीमत 2031 रुपये है। चेन्नई, हैदराबाद और पटना जैसे शहरों में कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम 2200 रुपये से अधिक बने हुए हैं, जिससे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की लागत प्रभावित हो रही है।

अंतरराष्ट्रीय हालात का असर

वैश्विक स्तर पर चल रहे तनाव का असर एलपीजी की आपूर्ति पर पड़ा है। खासकर खाड़ी क्षेत्र में स्थिति प्रभावित होने से भारत की सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ा है। देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है, जिसमें खाड़ी देशों की हिस्सेदारी अहम है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ता है।

आपूर्ति बनाए रखने के लिए कदम

सरकार ने स्थिति को संभालने के लिए तेल कंपनियों को उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए डिलीवरी सिस्टम को और सख्त किया गया है। अब कई जगहों पर ओटीपी आधारित वितरण व्यवस्था लागू की गई है, जिससे पारदर्शिता बढ़े और उपभोक्ताओं तक सही समय पर सिलेंडर पहुंचे।

फिलहाल नहीं है कमी की स्थिति

सरकारी सूत्रों के अनुसार, देश में एलपीजी की उपलब्धता को लेकर किसी तरह की बड़ी कमी की सूचना नहीं है। हालांकि, मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। आने वाले समय में वैश्विक हालात के आधार पर कीमतों में बदलाव संभव हो सकता है।

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