LPGRates – एलपीजी सिलेंडर के दाम स्थिर, सप्लाई को लेकर बढ़ी निगरानी…
LPGRates – देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के बीच एलपीजी उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत मिली है। शनिवार 23 मई 2026 को घरेलू और कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया। ऑयल कंपनियों की ओर से जारी ताजा दरों के अनुसार रसोई गैस की कीमतें पहले की तरह स्थिर बनी हुई हैं। हालांकि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और सप्लाई से जुड़े दबावों को देखते हुए सरकार और तेल कंपनियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

राजधानी दिल्ली में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 913 रुपये पर कायम है। वहीं कॉमर्शियल सिलेंडर का रेट 3071.50 रुपये दर्ज किया गया है। देश के कई अन्य शहरों में भी गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। ऐसे समय में जब ईंधन की अन्य कीमतें बढ़ रही हैं, एलपीजी दरों का स्थिर रहना आम उपभोक्ताओं के लिए राहत माना जा रहा है।
अलग-अलग शहरों में अलग हैं गैस के दाम
देश के महानगरों और राज्यों में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में मामूली अंतर देखा जा रहा है। कोलकाता और भुवनेश्वर में घरेलू सिलेंडर 939 रुपये में मिल रहा है, जबकि मुंबई में इसकी कीमत 912.50 रुपये है। चेन्नई में उपभोक्ताओं को 928.50 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं।
वहीं पटना में घरेलू एलपीजी सिलेंडर का दाम 1000 रुपये के पार पहुंच चुका है। हैदराबाद में भी कीमतें अपेक्षाकृत अधिक बनी हुई हैं। दूसरी तरफ कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत कई शहरों में 3000 रुपये से ऊपर बनी हुई है, जिससे होटल, रेस्तरां और छोटे व्यापारियों की लागत प्रभावित हो रही है।
कांडला पोर्ट पहुंचा एलपीजी टैंकर
एलपीजी सप्लाई को लेकर इस बीच एक राहतभरी खबर भी सामने आई है। करीब 20 हजार मैट्रिक टन एलपीजी लेकर एक बड़ा टैंकर गुजरात के कांडला बंदरगाह पहुंचा है। अधिकारियों के मुताबिक यह जहाज कतर से रवाना हुआ था और तय समुद्री मार्ग से गुजरते हुए भारत पहुंचा।
बताया गया कि जहाज ने 13 मई को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार किया था। मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए इस मार्ग से एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बनी हुई थी। ऐसे में टैंकर का सुरक्षित भारत पहुंचना सप्लाई व्यवस्था के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
सप्लाई चेन पर युद्ध का असर
विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिम एशिया में जारी तनाव और समुद्री मार्गों पर बढ़ी अनिश्चितता का असर एलपीजी आपूर्ति पर पड़ा है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा इसी समुद्री रास्ते से आयात करता है। हाल के दिनों में इस मार्ग पर दबाव बढ़ने से आपूर्ति व्यवस्था को लेकर चिंता भी बढ़ी है।
सरकार ने स्थिति को संभालने के लिए घरेलू उत्पादन बढ़ाने और वितरण प्रणाली को अधिक सख्त बनाने के निर्देश दिए हैं। एलपीजी सिलेंडर की कालाबाजारी रोकने के लिए डिलीवरी प्रक्रिया को पूरी तरह ओटीपी आधारित किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इससे फर्जी बुकिंग और अनियमित वितरण पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
बुकिंग नियमों में भी सख्ती
एलपीजी वितरण व्यवस्था को व्यवस्थित रखने के लिए बुकिंग नियमों को भी सख्ती से लागू किया जा रहा है। मौजूदा व्यवस्था के तहत शहर और गांव दोनों क्षेत्रों में एक निश्चित अवधि के बाद ही दोबारा सिलेंडर बुक कराया जा सकेगा। इसका उद्देश्य जरूरतमंद उपभोक्ताओं तक समय पर गैस उपलब्ध कराना और अनावश्यक स्टॉकिंग को रोकना है।
सरकार और तेल कंपनियां आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय हालात और सप्लाई स्थिति के आधार पर आगे के फैसले लेंगी। फिलहाल उपभोक्ताओं को गैस की कीमतों में स्थिरता से कुछ राहत जरूर मिली है।