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MCLIPO – महानदी कोलफील्ड्स की शेयर बाजार में एंट्री को मिली केंद्र की मंजूरी

MCLIPO – केंद्र सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की बड़ी कोयला कंपनी महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (MCL) के आईपीओ प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद कंपनी के शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने का रास्ता साफ हो गया है। सरकार की यह पहल विनिवेश कार्यक्रम को आगे बढ़ाने और सरकारी कंपनियों में पूंजी बाजार की भागीदारी बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।

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महानदी कोलफील्ड्स, कोल इंडिया लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है और देश की प्रमुख कोयला उत्पादक कंपनियों में गिनी जाती है। कंपनी का अधिकांश संचालन ओडिशा में केंद्रित है। निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग तथा कोयला मंत्रालय की सिफारिशों के बाद इस प्रस्ताव को अंतिम स्वीकृति मिली है।

ऑफर फॉर सेल के जरिए हिस्सेदारी घटाएगी कोल इंडिया

सरकार की मंजूरी मिलने के बाद कोल इंडिया लिमिटेड अब महानदी कोलफील्ड्स में अपनी हिस्सेदारी चरणबद्ध तरीके से कम कर सकेगी। यह प्रक्रिया मुख्य रूप से ऑफर फॉर सेल के माध्यम से पूरी की जाएगी। इसके अलावा भविष्य में अन्य वित्तीय विकल्पों के जरिए भी कंपनी पूंजी जुटा सकेगी।

जानकारी के मुताबिक, कंपनी को आईपीओ के बाद जरूरत पड़ने पर फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर, क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट और बाजार नियामक सेबी द्वारा मंजूर अन्य तरीकों का उपयोग करने की अनुमति भी दी गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि विनिवेश और पूंजी जुटाने की प्रक्रिया एक साथ या अलग-अलग चरणों में पूरी की जा सकती है।

25 प्रतिशत तक कम हो सकती है हिस्सेदारी

मंजूरी के तहत कोल इंडिया को महानदी कोलफील्ड्स में अपनी हिस्सेदारी 25 प्रतिशत तक घटाने की अनुमति दी गई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इससे कंपनी को निवेशकों के बीच नई पहचान मिल सकती है और कोयला क्षेत्र में सरकारी कंपनियों की बाजार उपस्थिति और मजबूत होगी।

सरकार बीते कुछ वर्षों से सार्वजनिक उपक्रमों में निवेश आकर्षित करने के लिए लगातार कदम उठा रही है। इसी क्रम में अब MCL का नाम भी उन कंपनियों में शामिल हो गया है, जिन्हें शेयर बाजार में लाने की तैयारी की जा रही है।

पहले भी सूचीबद्ध हो चुकी है समूह की कंपनी

कोल इंडिया समूह की एक अन्य सहायक कंपनी CMPDI पहले ही शेयर बाजार में लिस्ट हो चुकी है। मार्च 2026 में आए उसके आईपीओ को निवेशकों से अच्छा प्रतिसाद मिला था। कंपनी का इश्यू पूरी तरह ऑफर फॉर सेल आधारित था और बाजार में सूचीबद्ध होने के बाद उसके शेयरों में बढ़त दर्ज की गई थी।

इसी वजह से अब निवेशकों की नजर महानदी कोलफील्ड्स के संभावित आईपीओ पर भी बनी हुई है। बाजार से जुड़े जानकारों का मानना है कि कोयला क्षेत्र में मजबूत परिचालन और सरकारी समर्थन के कारण इस इश्यू को भी अच्छी प्रतिक्रिया मिल सकती है।

उत्पादन आंकड़ों पर भी बनी नजर

कोल इंडिया देश के कुल घरेलू कोयला उत्पादन में सबसे बड़ी हिस्सेदारी रखती है। कंपनी के हालिया आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में उत्पादन में हल्की गिरावट दर्ज की गई। कंपनी का कुल उत्पादन पिछले वित्त वर्ष की तुलना में कम रहा है।

मार्च महीने के उत्पादन आंकड़ों में भी मामूली कमी देखी गई थी। हालांकि ऊर्जा क्षेत्र की मांग को देखते हुए सरकार और कंपनियां उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर जोर दे रही हैं।

बाजार में आने की तैयारी कर रहीं अन्य कंपनियां

इस बीच भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड ने कुछ अन्य कंपनियों के प्रस्तावित आईपीओ को भी मंजूरी दी है। इनमें ऑटोमोटिव लाइटिंग कंपनी नियोलाइट ZKW लाइटिंग्स, एस्प्री स्पिरिट्स और इलेक्ट्रॉनिक्स रिटेल कंपनी SS Retail शामिल हैं।

इन कंपनियों की ओर से नए शेयर जारी करने और ऑफर फॉर सेल के जरिए बाजार से पूंजी जुटाने की योजना बनाई गई है। इससे आने वाले समय में प्राथमिक बाजार में गतिविधियां और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

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