Microsoft AI India Investment: माइक्रोसॉफ्ट सीईओ ने दिखाया ऐसा धमाकेदार डेमो कि खुद गौतम अडानी बोल उठे—वाह…
Microsoft AI India Investment: माइक्रोसॉफ्ट के भारत में 17.5 अरब डॉलर निवेश की घोषणा के एक दिन बाद, अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी ने कंपनी के सीईओ सत्य नडेला से मुलाकात की (Microsoft AI India Investment). इस मुलाकात में उन्होंने नडेला द्वारा व्यक्तिगत रूप से बनाए जा रहे एआई एप्लिकेशन का खास डेमो देखा और तकनीक के भविष्य पर गहन चर्चा की।

अडानी ने सोशल मीडिया पर साझा किया अनुभव
गौतम अडानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि सत्य नडेला से मिलना और तकनीक के भविष्य पर उनकी समझ सीखने योग्य है (Gautam Adani Microsoft Meeting). उन्होंने कहा कि यह 360 डिग्री साझेदारी डिजिटल और फिजिकल दुनिया को AI के युग में एक साथ जोड़ने में मदद करेगी। नडेला का फर्स्ट-पर्सन एआई ऐप डेमो इस बात का प्रमाण है कि अच्छे लीडर खुद काम में गंभीरता रखते हैं।
Microsoft का भारत में बड़ा निवेश
माइक्रोसॉफ्ट ने घोषणा की कि वह 2026 से 2029 के बीच भारत में एआई-सक्षम भविष्य के लिए 17.5 अरब डॉलर निवेश करेगी (Microsoft India AI Infrastructure). इस निवेश का उद्देश्य एआई को बड़े पैमाने पर लोगों तक पहुंचाना, कौशल और अवसंरचना विकसित करना है। यह पिछली जनवरी में घोषित तीन अरब डॉलर की प्रतिबद्धता से अलग है।
Microsoft के निवेश का विस्तार
कंपनी ने बताया कि हैदराबाद में स्थित ‘इंडिया साउथ सेंट्रल क्लाउड रीजन’ 2026 के मध्य में शुरू होगा, जिसका आकार दो ईडन गार्डन स्टेडियम के बराबर होगा (Hyderabad Cloud Region AI). यह भारत में एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
भारत में अन्य AI निवेश
माइक्रोसॉफ्ट के अलावा, गूगल ने अक्टूबर में पांच वर्षों में 15 अरब डॉलर निवेश करने की घोषणा की थी, जिसमें अडानी समूह के साथ मिलकर देश का सबसे बड़ा डेटा सेंटर स्थापित होगा (Google AI India Investment). इसके अलावा डिजिटल कनेक्शन ने भी 11 अरब डॉलर का निवेश किया है, जो ब्रुकफील्ड, रिलायंस इंडस्ट्रीज और डिजिटल रियल्टी का संयुक्त उद्यम है।
तकनीक और निवेश का महत्व
भारत में इन बड़े निवेशों से एआई आधारित तकनीक, क्लाउड सेवाएं और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर को तेजी से विकसित किया जाएगा (AI Investment India Future). अडानी समूह और माइक्रोसॉफ्ट की साझेदारी तकनीक के क्षेत्र में नए अवसर पैदा करेगी और देश को वैश्विक AI हब बनाने में मदद करेगी।