OilPrices – होर्मुज खुलने के संकेत से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
OilPrices – अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में शुक्रवार को तेज गिरावट दर्ज की गई, जब ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से वाणिज्यिक जहाजों के लिए खोलने का संकेत दिया। इस घोषणा के बाद ब्रेंट क्रूड करीब 10 प्रतिशत गिरकर लगभग 89 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब क्षेत्रीय तनाव में कुछ नरमी के संकेत मिल रहे हैं और वैश्विक ऊर्जा बाजार इस पर तेजी से प्रतिक्रिया दे रहा है।

ईरान की घोषणा से बाजार में हलचल
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया के माध्यम से बताया कि लेबनान क्षेत्र में युद्धविराम के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले सभी वाणिज्यिक जहाजों के लिए मार्ग खुला रहेगा। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जहाजों को निर्धारित समुद्री मार्गों का पालन करना होगा। इस बयान ने बाजार में अनिश्चितता को कुछ हद तक कम किया और सप्लाई को लेकर बनी चिंता में राहत दी।
अमेरिका की प्रतिक्रिया का भी दिखा असर
ईरान की इस घोषणा के कुछ ही समय बाद अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इसे साझा करते हुए सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने संकेत दिया कि क्षेत्र में हालात सामान्य होने की दिशा में बढ़ रहे हैं। इसके अलावा, ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर भी नरमी के संकेत मिलने की बात कही गई, जिससे निवेशकों के बीच भरोसा बढ़ा।
कीमतों में तेज गिरावट का कारण
विशेषज्ञों का मानना है कि सप्लाई बाधित होने की आशंका कम होने से तेल की कीमतों में यह गिरावट आई है। ब्रेंट क्रूड के साथ-साथ अमेरिकी बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट में भी गिरावट देखी गई, जो करीब 11 प्रतिशत तक लुढ़क गया। इससे साफ है कि वैश्विक स्तर पर निवेशकों ने स्थिति को सकारात्मक रूप में लिया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य का महत्व
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में गिना जाता है, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल का परिवहन होता है। इस मार्ग के बाधित होने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर सीधा असर पड़ता है। ऐसे में इसके खुलने की खबर से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और शिपिंग क्षेत्र को राहत मिलने की उम्मीद है।
यूरोपीय देशों की प्रतिक्रिया
फ्रांस और ब्रिटेन ने भी इस फैसले का स्वागत किया है, लेकिन उन्होंने इसे स्थायी बनाए रखने पर जोर दिया है। दोनों देशों के नेताओं का कहना है कि समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग जरूरी है। इसके लिए आने वाले समय में रणनीतिक बैठकों की भी योजना बनाई जा रही है।
आगे की स्थिति पर नजर
विशेषज्ञों का मानना है कि तेल की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, क्योंकि यह पूरी तरह से क्षेत्रीय परिस्थितियों और वैश्विक राजनीति पर निर्भर करता है। फिलहाल, होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर आई सकारात्मक खबर ने बाजार को राहत जरूर दी है, लेकिन निवेशक अभी भी सतर्क बने हुए हैं।