ModiEuropeVisit – अगले महीने होगा पीएम मोदी का यूरोप दौरा, व्यापार और रणनीति पर रहेगा फोकस…
ModiEuropeVisit – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मई के मध्य में एक महत्वपूर्ण यूरोपीय दौरे पर जाने की तैयारी में हैं। करीब एक सप्ताह तक चलने वाली इस यात्रा में वे नॉर्वे, नीदरलैंड और इटली का दौरा करेंगे। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य यूरोप के साथ भारत के आर्थिक, रणनीतिक और कूटनीतिक संबंधों को और मजबूत करना है। हाल के वर्षों में भारत और यूरोपीय देशों के बीच सहयोग तेजी से बढ़ा है, और इस यात्रा को उसी दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

नॉर्वे में होगा नॉर्डिक देशों के साथ अहम सम्मेलन
यात्रा की शुरुआत नॉर्वे की राजधानी ओस्लो से होगी, जहां प्रधानमंत्री तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। इस बैठक में स्वीडन, डेनमार्क, फिनलैंड और आइसलैंड के नेता भी शामिल होंगे। इससे पहले ऐसे सम्मेलन स्टॉकहोम और कोपेनहेगन में आयोजित हो चुके हैं। इस बार चर्चा का फोकस व्यापार, जलवायु परिवर्तन, तकनीक और क्षेत्रीय सहयोग पर रहने की उम्मीद है।
EFTA समझौते से बढ़ी दौरे की अहमियत
नॉर्वे, यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ का सदस्य है और हाल ही में लागू हुए भारत-EFTA व्यापार समझौते के बाद इस यात्रा का महत्व और बढ़ गया है। इस समझौते के तहत आने वाले वर्षों में भारत में बड़े निवेश की संभावना जताई गई है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं। साथ ही भारतीय निर्यातकों के लिए नए बाजार खुलने की उम्मीद भी जताई जा रही है।
हरित ऊर्जा और इनोवेशन पर होगी चर्चा
ओस्लो में होने वाली द्विपक्षीय बैठकों में ग्रीन एनर्जी, जलवायु परिवर्तन, समुद्री अर्थव्यवस्था और डिजिटल तकनीक जैसे विषयों पर विस्तार से बातचीत होगी। इसके अलावा आर्कटिक क्षेत्र में सहयोग को लेकर भी चर्चा एजेंडे में शामिल है। इन क्षेत्रों में साझेदारी को भविष्य के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नीदरलैंड के साथ कृषि और तकनीकी सहयोग
नॉर्वे के बाद प्रधानमंत्री मोदी नीदरलैंड पहुंचेंगे, जहां उनकी पिछली यात्रा 2017 में हुई थी। नीदरलैंड जल प्रबंधन, कृषि तकनीक और इनोवेशन के क्षेत्र में भारत का एक प्रमुख सहयोगी रहा है। इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच लंबित कार्यक्रमों और समझौतों को आगे बढ़ाने की कोशिश की जाएगी। इससे द्विपक्षीय संबंधों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
इटली में पहली द्विपक्षीय यात्रा
प्रधानमंत्री का अगला पड़ाव इटली होगा, जो उनकी पहली आधिकारिक द्विपक्षीय यात्रा मानी जा रही है। हालांकि वे पहले भी अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों के सिलसिले में यहां आ चुके हैं। इस बार उनकी मुलाकात इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से होगी, जिसमें रक्षा, ऊर्जा और निवेश जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
वेटिकन सिटी दौरे की भी संभावना
सूत्रों के मुताबिक, इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री वेटिकन सिटी भी जा सकते हैं। यहां उनकी मुलाकात ईसाई धर्मगुरु पोप से होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
भारत-यूरोपीय संघ संबंधों को मिलेगा बल
यह यात्रा हाल ही में नई दिल्ली में हुए भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन के बाद हो रही है। उस बैठक में दोनों पक्षों ने मुक्त व्यापार समझौते को लेकर महत्वपूर्ण प्रगति का ऐलान किया था। साथ ही सुरक्षा और रक्षा सहयोग के नए आयाम भी तय किए गए थे।
आगे की कूटनीतिक गतिविधियां भी तय
इस दौरे के बाद जून में प्रधानमंत्री फ्रांस जाएंगे, जहां वे G7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। पिछले कुछ वर्षों से भारत को लगातार इस मंच पर आमंत्रित किया जा रहा है, जो वैश्विक स्तर पर उसकी बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।
व्यापक सहयोग की दिशा में कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि यह यूरोप दौरा भारत के लिए व्यापार, तकनीक और वैश्विक साझेदारी के लिहाज से अहम साबित हो सकता है। इससे सप्लाई चेन को मजबूत करने और स्वच्छ तकनीकों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की दिशा में ठोस पहल होने की उम्मीद है।