SweetHealth – जलेबी-रबड़ी खाने के बाद युवक को हुआ पैरालिसिस, आप भी बरतें सावधानी…
SweetHealth – मीठा खाना लगभग हर किसी को पसंद होता है और जलेबी-रबड़ी जैसी पारंपरिक मिठाइयों का नाम आते ही स्वाद याद आ जाता है। लेकिन हैदराबाद से सामने आया एक मामला लोगों को चौंका सकता है। यहां 33 साल के एक युवक को जलेबी-रबड़ी खाने के बाद अचानक गंभीर कमजोरी और शरीर में सुस्ती महसूस होने लगी। मामला इतना बढ़ गया कि उसे अपने हाथ-पैर तक उठाने में परेशानी होने लगी। हालांकि, वह होश में था और सामान्य रूप से बात कर पा रहा था, लेकिन शरीर की मांसपेशियां साथ नहीं दे रही थीं।

बार-बार एक ही स्थिति होने पर बढ़ी चिंता
बताया गया कि युवक के साथ यह घटना एक बार नहीं, बल्कि तीन अलग-अलग मौकों पर हुई। पहली दो बार उसने इसे सामान्य फूड रिएक्शन समझकर नजरअंदाज कर दिया, लेकिन तीसरी बार घर पर बनी जलेबी-रबड़ी खाने के बाद जब वही लक्षण फिर सामने आए, तो वह तुरंत अस्पताल पहुंचा। यह स्थिति उसे खुद भी असामान्य लगी, क्योंकि हर बार एक ही तरह का खाना खाने के बाद ही समस्या हो रही थी।
जांच में सामने आई दुर्लभ स्थिति
हैदराबाद के एक अस्पताल में न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. सुधीर कुमार की देखरेख में युवक की विस्तृत जांच की गई। ब्लड टेस्ट, ईसीजी और अन्य न्यूरोलॉजिकल परीक्षणों के बाद डॉक्टरों ने पाया कि यह मामला Hypokalemic Paralysis नाम की एक दुर्लभ स्थिति से जुड़ा हुआ है। इसमें नसों को कोई नुकसान नहीं होता, लेकिन शरीर में इलेक्ट्रोलाइट का संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे मांसपेशियां अस्थायी रूप से काम करना बंद कर देती हैं।
मीठा और इंसुलिन का संबंध
डॉक्टरों के अनुसार, अत्यधिक मीठा खाने से शरीर में इंसुलिन का स्तर तेजी से बढ़ सकता है। इस प्रक्रिया के दौरान पोटैशियम का स्तर अचानक गिर जाता है। पोटैशियम मांसपेशियों के सही काम करने के लिए जरूरी होता है, और इसकी कमी होने पर कमजोरी या पैरालिसिस जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इसी वजह से युवक को हर बार मीठा खाने के बाद ऐसी परेशानी हुई।
इलाज के बाद स्थिति में सुधार
अस्पताल में भर्ती करने के बाद युवक को पोटैशियम स्तर सामान्य करने के लिए दवाएं दी गईं। इलाज के बाद उसकी हालत में सुधार हुआ और धीरे-धीरे मांसपेशियों ने फिर से सामान्य तरीके से काम करना शुरू कर दिया। डॉक्टरों का कहना है कि सही समय पर इलाज मिलने से इस तरह की स्थिति को नियंत्रित किया जा सकता है।
किन लोगों को बरतनी चाहिए ज्यादा सावधानी
विशेषज्ञों के मुताबिक, जिन लोगों के शरीर में पहले से पोटैशियम की कमी है या जिन्हें इंसुलिन से जुड़ी समस्याएं हैं, उन्हें ज्यादा मीठा खाने से बचना चाहिए। इसके अलावा, थायरॉयड या अन्य हार्मोनल असंतुलन वाले लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। खासतौर पर खाली पेट अधिक मीठा खाना शरीर पर अचानक असर डाल सकता है।
संतुलित खानपान की अहमियत
यह मामला इस बात की याद दिलाता है कि खानपान में संतुलन बनाए रखना कितना जरूरी है। पसंदीदा चीजें खाना गलत नहीं है, लेकिन मात्रा और शरीर की प्रतिक्रिया को समझना भी उतना ही जरूरी है। किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज करने के बजाय समय रहते डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर होता है।