PetrolDieselPrice – आज नहीं बदले दाम, बाजार में बनी स्थिरता
PetrolDieselPrice – शनिवार को देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने पिछले स्तर पर ही दरों को बनाए रखा है, जिससे उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत मिली हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहने के बावजूद भारत में ईंधन दरों को स्थिर रखा गया है, जो आम लोगों और परिवहन क्षेत्र के लिए एक संतुलन का संकेत माना जा रहा है।

देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल के ताजा रेट
देश के अलग-अलग शहरों में पेट्रोल की कीमतों में अंतर बना हुआ है। राजधानी दिल्ली में पेट्रोल लगभग 94.77 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है, जबकि मुंबई में यह 103 रुपये से अधिक है। कोलकाता, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे महानगरों में भी कीमतें 100 रुपये के आसपास या उससे ऊपर बनी हुई हैं। वहीं, पोर्ट ब्लेयर जैसे कुछ क्षेत्रों में पेट्रोल अपेक्षाकृत सस्ता है, जहां इसकी कीमत 82 रुपये के करीब दर्ज की गई है।
डीजल के दाम भी स्थिर, शहरों में अंतर कायम
डीजल की कीमतों में भी आज कोई बदलाव नहीं हुआ है। दिल्ली में डीजल करीब 87.67 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है, जबकि मुंबई में यह 90 रुपये के आसपास है। कोलकाता, चेन्नई और बेंगलुरु जैसे शहरों में भी डीजल की कीमतें 90 से 92 रुपये के बीच बनी हुई हैं। दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में यह दर थोड़ा अधिक है, जो स्थानीय टैक्स संरचना के कारण होता है।
कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में हाल के दिनों में उतार-चढ़ाव देखा गया है। शुक्रवार को क्रूड ऑयल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गई थी, जबकि इससे पहले यह 70 डॉलर के आसपास थी। वैश्विक घटनाक्रम और उत्पादन से जुड़े फैसलों का असर लगातार तेल बाजार पर पड़ रहा है, जिसका प्रभाव भविष्य में घरेलू कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।
निजी कंपनियों के फैसलों से बढ़ी चर्चा
हाल के दिनों में कुछ निजी कंपनियों ने अपने स्तर पर ईंधन कीमतों में बदलाव किए हैं। शेल इंडिया ने पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतों में बढ़ोतरी की थी, जबकि नायरा ने भी मार्च में दरों में इजाफा किया था। इसके अलावा, रिलायंस और बीपी द्वारा पेट्रोल पंपों पर एक बार में सीमित मात्रा में ईंधन देने का नियम लागू किए जाने की खबरों ने भी बाजार में हलचल पैदा की है।
सरकारी कदमों से मिली राहत
ईंधन की बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने पहले एक्साइज ड्यूटी में कटौती कर उपभोक्ताओं को राहत देने की कोशिश की थी। पेट्रोल और डीजल पर 10-10 रुपये की कमी के बाद कीमतों में कुछ संतुलन आया था। फिलहाल दरों में स्थिरता बनी हुई है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति को देखते हुए आने वाले समय में बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।