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PNB Share Price Analysis: धोखाधड़ी के खुलासे से हिला पंजाब नेशनल बैंक, 2,434 करोड़ के बड़े घोटाले ने निवेशकों को डराया

PNB Share Price Analysis: भारतीय शेयर बाजार के खुलते ही आज सरकारी बैंकिंग क्षेत्र के दिग्गज पंजाब नेशनल बैंक के शेयरों में जबरदस्त उथल-पुथल देखने को मिली। सुबह के कारोबारी सत्र में बैंक के शेयर (PNB Stock Market Performance) लगभग 1.63 प्रतिशत की गिरावट के साथ 118.25 रुपये के स्तर पर कारोबार करते देखे गए। इस अचानक आई गिरावट के पीछे बैंक द्वारा हाल ही में किया गया एक चौंकाने वाला खुलासा है। बैंक ने दो बड़ी कंपनियों के खिलाफ करोड़ों रुपये की उधारी धोखाधड़ी की जानकारी सार्वजनिक की है, जिससे निवेशकों के बीच अनिश्चितता का माहौल बन गया है और बिकवाली का दबाव बढ़ गया है।

PNB Share Price Analysis
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2,434 करोड़ रुपये की बड़ी धोखाधड़ी का खुलासा

पंजाब नेशनल बैंक ने भारतीय रिजर्व बैंक को सूचित किया है कि उसे एसआरईआई इक्विपमेंट फाइनेंस लिमिटेड और एसआरईआई इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस लिमिटेड के खिलाफ बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी का पता चला है। बैंक के मुताबिक (PNB Fraud Case Reporting) की कुल राशि 2,434 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह मामला इन कंपनियों के पूर्व प्रमोटरों द्वारा नियमों को ताक पर रखकर अनुचित तरीके से कर्ज लेने से जुड़ा है। इतनी बड़ी राशि का नाम सामने आने के बाद बैंकिंग रेगुलेटर और जांच एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं, क्योंकि इसका सीधा असर बैंक की बैलेंस शीट पर पड़ता है।

आंकड़ों की जुबानी: कहां और कितनी हुई हेराफेरी

नियामक फाइलिंग में बैंक ने स्पष्ट किया है कि एसआरईआई इक्विपमेंट फाइनेंस लिमिटेड के मामले में धोखाधड़ी की बकाया राशि 1,240.94 करोड़ रुपये है। वहीं, (SIFL Debt Default Issues) के तहत दूसरी कंपनी एसआरईआई इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस लिमिटेड के लिए यह राशि 1,193.06 करोड़ रुपये दर्ज की गई है। हालांकि, बैंक ने अपने निवेशकों को आश्वस्त करने की कोशिश भी की है। पीएनबी का कहना है कि उसने इन दोनों कंपनियों से जुड़े अपने कुल बकाया एक्सपोजर के लिए पहले ही 100 प्रतिशत प्रावधान (प्रोविजनींग) कर रखा है, ताकि भविष्य में वित्तीय स्थिरता पर असर न पड़े।

एनसीएलटी और दिवालिया प्रक्रिया के घेरे में कंपनियां

धोखाधड़ी की शिकार ये दोनों कंपनियां पहले ही कॉर्पोरेट दिवालिया समाधान प्रक्रिया के दौर से गुजर रही हैं। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (SREI Infrastructure NCLT Proceedings) की निगरानी में इन पर कार्रवाई की जा रही है। गौरतलब है कि अक्टूबर 2021 में आरबीआई ने हस्तक्षेप करते हुए इन कंपनियों के बोर्ड को भंग कर दिया था। उस वक्त लगभग 28,000 करोड़ रुपये के पुनर्भुगतान डिफॉल्ट और कॉर्पोरेट गवर्नेंस से जुड़ी गंभीर चिंताओं के कारण यह कदम उठाया गया था। अब इस नए खुलासे ने मामले को और भी गंभीर बना दिया है।

निवेशकों के लिए राहत और चिंता की स्थिति

पीएनबी के शेयरों का पिछला रिकॉर्ड देखा जाए तो इसने अपने निवेशकों को काफी खुश रखा है। पिछले एक साल में (PNB Annual Share Returns) लगभग 18.17 प्रतिशत का रहा है, जो बाजार के औसत प्रदर्शन से काफी बेहतर है। इस साल की शुरुआत से अब तक भी शेयर में 17.13 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है। हालांकि, पिछले एक महीने में शेयर की कीमतों में 4.03 प्रतिशत की गिरावट आई है। जानकारों का मानना है कि यह गिरावट शॉर्ट-टर्म सुधार हो सकती है, लेकिन धोखाधड़ी की खबरों के बीच निवेशकों को सावधानी बरतने की जरूरत है।

क्या होगा पीएनबी शेयर का भविष्य?

मौजूदा बाजार स्थितियों को देखते हुए पीएनबी के शेयर (Banking Sector Stock Outlook) के जानकारों की रडार पर हैं। शुक्रवार को बाजार बंद होने के वक्त भी शेयर में मामूली गिरावट देखी गई थी, लेकिन आज की गिरावट अधिक गहरी है। बैंक द्वारा 100% प्रावधान करने की बात सकारात्मक है क्योंकि इसका मतलब है कि बैंक ने संभावित घाटे की भरपाई के लिए पैसा पहले ही अलग रख दिया है। फिर भी, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में इस तरह की धोखाधड़ी की खबरें अक्सर सेंटीमेंट को बिगाड़ने का काम करती हैं, जिससे रिकवरी में समय लग सकता है।

बैंकिंग धोखाधड़ी और आरबीआई की सख्ती

आरबीआई लगातार बैंकों को निर्देश दे रहा है कि वे अपने बैड लोन और धोखाधड़ी वाले खातों की पहचान जल्द से जल्द करें। पीएनबी द्वारा (RBI Guidelines for Banks) का पालन करते हुए इस मामले को रिपोर्ट करना पारदर्शी बैंकिंग की दिशा में एक कदम है। हालांकि, एसआरईआई ग्रुप जैसे बड़े मामलों में फंसे फंड की वसूली एक लंबी प्रक्रिया हो सकती है। निवेशकों की नजर अब इस बात पर होगी कि आने वाले तिमाही नतीजों में बैंक अपनी एसेट क्वालिटी को किस तरह बरकरार रखता है और इस धोखाधड़ी का वास्तविक वित्तीय प्रभाव कितना पड़ता है।

शॉर्ट टर्म करेक्शन या लंबी गिरावट का संकेत?

शेयर बाजार के जानकारों का मानना है कि पिछले छह महीनों में पीएनबी ने 8.82 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दिखाई है। ऐसे में वर्तमान में जो गिरावट दिख रही है, उसे (Market Correction and Volatility) के तौर पर भी देखा जा सकता है। मजबूत लॉन्ग-टर्म उछाल के बाद अक्सर ऐसी खबरें मुनाफावसूली का बहाना बन जाती हैं। फिलहाल, 118-120 रुपये का स्तर पीएनबी के लिए एक महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन बना हुआ है। यदि शेयर इस स्तर से नीचे टिकता है, तो आने वाले दिनों में और गिरावट की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

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