Steel Authority of India: स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया के मुनाफे में जोरदार उछाल, तीसरी तिमाही में दर्ज की दोगुनी से अधिक वृद्धि
Steel Authority of India: देश की दिग्गज सरकारी इस्पात निर्माता कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) ने चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के वित्तीय परिणाम घोषित कर दिए हैं। कंपनी के प्रदर्शन में इस बार जबरदस्त सुधार देखने को मिला है। दिसंबर में समाप्त हुई तिमाही के दौरान सेल का एकीकृत शुद्ध मुनाफा दोगुने से भी अधिक बढ़कर 374.03 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि (अक्टूबर-दिसंबर) पर नजर डालें तो कंपनी ने 141.89 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया था। मुनाफे में आई इस बढ़त का मुख्य कारण कंपनी की कुल आमदनी में हुआ इजाफा माना जा रहा है।

आय में ग्यारह प्रतिशत की बढ़त और बाजार का रुख
शेयर बाजारों को दी गई औपचारिक सूचना में कंपनी ने बताया कि समीक्षाधीन तिमाही के दौरान उसकी कुल आय में 11 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी की आय 24,723.43 करोड़ रुपये थी, जो अब बढ़कर 27,545.93 करोड़ रुपये हो गई है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि बुनियादी ढांचे के विकास और औद्योगिक मांग में मजबूती आने की वजह से स्टील सेक्टर की दिग्गज कंपनियों के राजस्व में यह सुधार देखने को मिल रहा है। सेल ने अपनी बाजार पैठ को बेहतर बनाने के साथ-साथ परिचालन लागत को नियंत्रित करने पर भी विशेष ध्यान दिया है।
नौ महीनों के प्रदर्शन में साठ प्रतिशत का सुधार
कंपनी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) अमरेंदु प्रकाश ने वित्तीय परिणामों पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि लाभ की स्थिति में निरंतर सुधार हो रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीनों के आंकड़ों को देखें तो कर भुगतान के बाद मुनाफे में सालाना आधार पर 60 प्रतिशत की शानदार वृद्धि हुई है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय घरेलू मांग में आई तेजी और कंपनी की बेहतर सेल्स रणनीति को दिया है। अप्रैल से दिसंबर के बीच नौ महीनों की अवधि में सेल का शुद्ध मुनाफा 1,554 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि के 970 करोड़ रुपये के मुकाबले काफी अधिक है।
उत्पादन और बिक्री के मोर्चे पर सेल की मजबूती
उत्पादन क्षमताओं की बात करें तो सेल ने वित्त वर्ष 2025-26 के शुरुआती नौ महीनों में एक करोड़ 43.5 लाख टन इस्पात का उत्पादन किया है। वहीं, बिक्री के मोर्चे पर कंपनी ने एक करोड़ 66.1 लाख टन का आंकड़ा छूकर अपनी मजबूत पकड़ साबित की है। वर्तमान में इस्पात मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में काम करने वाली सेल भारत की शीर्ष पांच इस्पात उत्पादक कंपनियों में शामिल है। कंपनी की कुल उत्पादन क्षमता 2.1 करोड़ टन प्रति वर्ष से अधिक है, जो इसे भारतीय बुनियादी ढांचा क्षेत्र की रीढ़ बनाती है।
भविष्य की राह और औद्योगिक मांग
आने वाले समय में कंपनी अपनी उत्पादन क्षमता के पूर्ण उपयोग और नए बाजारों में विस्तार पर ध्यान केंद्रित कर रही है। भारत में शहरीकरण और सरकारी निर्माण परियोजनाओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्टील की मांग में और इजाफा होने की संभावना है। सेल के मौजूदा वित्तीय नतीजे यह संकेत दे रहे हैं कि कंपनी न केवल घरेलू बाजार की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम है, बल्कि प्रतिस्पर्धी माहौल में अपने मुनाफे के ग्राफ को भी लगातार ऊपर ले जा रही है।



