CyberCrime – अक्षय कुमार की बेटी को करना पड़ा था ऑनलाइन उत्पीड़न का सामना, आरोपी गिरफ्तार
CyberCrime – बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार की नाबालिग बेटी के साथ हुए ऑनलाइन उत्पीड़न के मामले में महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह मामला तब सामने आया जब गेमिंग के दौरान एक अजनबी ने लड़की से आपत्तिजनक मांग की थी। शिकायत के बाद साइबर विभाग ने जांच शुरू की और अब आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

ऑनलाइन गेम के दौरान हुई घटना
बताया गया कि यह घटना अक्टूबर 2025 की है, जब अक्षय कुमार की 13 वर्षीय बेटी ऑनलाइन गेम खेल रही थी। गेमिंग प्लेटफॉर्म पर अनजान लोगों से बातचीत की सुविधा होती है, जिसका फायदा उठाते हुए आरोपी ने पहले सामान्य बातचीत शुरू की। उसने लड़की से उसकी पहचान और लोकेशन के बारे में पूछा। जवाब मिलने के बाद बातचीत का स्वर बदल गया और उसने आपत्तिजनक मांग कर दी। इस स्थिति को समझते हुए बच्ची ने तुरंत गेम बंद कर दिया।
परिवार को तुरंत दी जानकारी
घटना के तुरंत बाद लड़की ने अपनी मां को पूरी बात बताई। इसके बाद मामला अभिनेता तक पहुंचा और उन्होंने बिना देर किए साइबर विभाग में शिकायत दर्ज कराई। अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की घटनाओं में समय पर जानकारी देना बेहद अहम होता है, जिससे जांच एजेंसियां तुरंत कार्रवाई कर सकें।
साइबर विभाग ने की कार्रवाई
महाराष्ट्र साइबर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद तकनीकी जांच शुरू की गई। डिजिटल ट्रैकिंग के जरिए आरोपी की पहचान की गई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या वह पहले भी इस तरह की गतिविधियों में शामिल रहा है।
जागरूकता कार्यक्रम में सामने आया मामला
यह मामला एक साइबर जागरूकता कार्यक्रम के दौरान भी साझा किया गया, जहां अधिकारियों ने ऑनलाइन सुरक्षा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि बच्चों को इंटरनेट के उपयोग के दौरान सतर्क रहने की जरूरत है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत परिवार या संबंधित एजेंसियों को देनी चाहिए।
ऑनलाइन सुरक्षा पर जोर
इस घटना ने एक बार फिर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि अभिभावकों को बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए और उन्हें सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के बारे में जागरूक करना चाहिए। साथ ही, किसी भी प्रकार के उत्पीड़न की स्थिति में तुरंत कार्रवाई करना जरूरी है।