Madhubala – जब मधुबाला की अंतिम विदाई में अस्पताल से पहुंचीं थी मीना कुमारी, भावुक हुआ था फिल्म जगत…
Madhubala– हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम दौर की दो सबसे चर्चित अभिनेत्रियां मधुबाला और मीना कुमारी अपने अभिनय के साथ-साथ संघर्षपूर्ण जीवन के कारण भी हमेशा याद की जाती हैं। दोनों ने बेहद साधारण पारिवारिक परिस्थितियों से उठकर फिल्म इंडस्ट्री में अलग पहचान बनाई। सार्वजनिक कार्यक्रमों में इनकी मुलाकातें बेहद कम देखने को मिलीं, लेकिन एक-दूसरे के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता का एक भाव हमेशा चर्चा में रहा। मधुबाला के निधन के समय सामने आया एक प्रसंग आज भी फिल्म इतिहास के भावुक अध्यायों में गिना जाता है।

रिश्ते को लेकर कई दावे, लेकिन ठोस प्रमाण नहीं
वर्षों से कुछ रिपोर्टों में यह दावा किया जाता रहा कि निर्देशक कमाल अमरोही की वजह से दोनों अभिनेत्रियों के बीच दूरी थी। हालांकि उपलब्ध ऐतिहासिक तथ्यों से इस दावे की पुष्टि नहीं होती। कमाल अमरोही और मीना कुमारी का विवाह 1952 में हुआ था, जबकि 1949 में रिलीज हुई फिल्म ‘महल’ से जुड़े कई किस्से केवल चर्चाओं तक सीमित रहे। ऐसे में दोनों अभिनेत्रियों के बीच किसी व्यक्तिगत विवाद का कोई विश्वसनीय प्रमाण सामने नहीं आया है।
बीमारी के दौर से गुजर रही थीं दोनों अभिनेत्रियां
1960 के दशक में मधुबाला और मीना कुमारी दोनों ही गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थीं। मधुबाला जन्मजात हृदय संबंधी बीमारी के कारण लंबे समय तक अस्वस्थ रहीं, जबकि मीना कुमारी लिवर सिरोसिस की बीमारी से पीड़ित थीं। दोनों का इलाज लगातार चलता रहा और उन्हें कई बार अस्पताल में भर्ती भी होना पड़ा। कठिन स्वास्थ्य परिस्थितियों के बावजूद दोनों अपने काम और पेशे के प्रति समर्पित रहीं।
मधुबाला के अंतिम दिनों का दर्द
रिपोर्टों के अनुसार, जीवन के आखिरी दिनों में मधुबाला की तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही थी। 22 फरवरी 1969 को उन्हें तेज बुखार और उल्टियों की शिकायत हुई। परिवार ने तत्काल उनके पति किशोर कुमार को सूचना दी। बताया जाता है कि उस दौरान मधुबाला ने अपने इलाज पर अधिक खर्च न करने की इच्छा जताई थी। अगले दिन, 23 फरवरी 1969 की सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली, जिससे हिंदी फिल्म जगत में शोक की लहर फैल गई।
अस्पताल से निकलकर पहुंचीं अंतिम दर्शन के लिए
मधुबाला के निधन की खबर मिलते ही फिल्म जगत की कई प्रमुख हस्तियां उनके घर पहुंचीं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक उस समय मीना कुमारी स्वयं अस्पताल में भर्ती थीं। खराब स्वास्थ्य के बावजूद उन्होंने मधुबाला को अंतिम विदाई देने का निर्णय लिया। बताया जाता है कि उन्हें चलने और सीढ़ियां चढ़ने में कठिनाई हो रही थी, फिर भी वह अपने साथी कलाकार को अंतिम बार देखने वहां पहुंचीं।
भावुक माहौल में दी आखिरी विदाई
रिपोर्ट्स के अनुसार, जब मीना कुमारी वहां पहुंचीं तो अभिनेत्री नरगिस पहले से मौजूद थीं। उनकी तबीयत को देखते हुए नरगिस ने उन्हें आराम करने की सलाह दी, लेकिन मीना कुमारी ने स्पष्ट कहा कि वह मधुबाला को अंतिम बार देखे बिना नहीं रह सकतीं। अंतिम दर्शन के दौरान वह भावुक हो उठीं। कुछ वर्षों बाद, 31 मार्च 1972 को लिवर संबंधी बीमारी के कारण मीना कुमारी का भी निधन हो गया। इस तरह हिंदी सिनेमा ने कुछ ही वर्षों के भीतर अपनी दो महान अभिनेत्रियों को खो दिया।