Playback Singer – दिग्गज गायिका सुमन कल्याणपुर का 89 वर्ष की उम्र में हुआ निधन
Playback Singer – भारतीय संगीत जगत से एक भावुक कर देने वाली खबर सामने आई है। हिंदी फिल्म संगीत की प्रतिष्ठित पार्श्व गायिका सुमन कल्याणपुर का रविवार शाम मुंबई स्थित उनके निवास पर निधन हो गया। वह 89 वर्ष की थीं और पिछले कुछ समय से उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रही थीं। उनके निधन से संगीत प्रेमियों और फिल्म जगत में शोक की लहर है।

करीबी सहयोगी ने दी निधन की पुष्टि
सुमन कल्याणपुर के जीवन और संगीत यात्रा पर आधारित मराठी जीवनी “सुमन सुगंध” की लेखिका मंगला खाडिलकर ने उनके निधन की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि गायिका ने लोखंडवाला स्थित अपने घर पर अंतिम सांस ली। उनके अनुसार, सुमन कल्याणपुर का निधन शांतिपूर्ण ढंग से हुआ।
मंगला खाडिलकर ने यह भी बताया कि अपने अंतिम दिनों में सुमन जी अक्सर अपने पुराने गीत सुनती थीं। संगीत उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा था और आखिरी समय तक उनका जुड़ाव अपने सुरों से बना रहा।
कई भाषाओं में छोड़ी अमिट पहचान
सुमन कल्याणपुर का नाम भारतीय संगीत इतिहास के उन कलाकारों में शामिल है, जिन्होंने अपनी आवाज के दम पर अलग पहचान बनाई। विशेष रूप से 1960 और 1970 के दशक में उनके गीतों ने श्रोताओं के दिलों में खास जगह बनाई थी।
उन्होंने केवल हिंदी ही नहीं, बल्कि मराठी, बंगाली, उड़िया, कन्नड़ और अन्य भारतीय भाषाओं में भी अनेक गीत रिकॉर्ड किए। फिल्मी गीतों के अलावा भजन, गजल और शास्त्रीय संगीत से जुड़े कई रचनात्मक कार्य भी उनके खाते में दर्ज हैं। उनकी गायकी की मधुरता और स्पष्ट उच्चारण उन्हें समकालीन गायिकाओं से अलग बनाते थे।
लता मंगेशकर से तुलना पर रही विनम्र
अपने लंबे करियर के दौरान सुमन कल्याणपुर की आवाज की तुलना अक्सर स्वर कोकिला लता मंगेशकर से की जाती रही। संगीत जगत में यह चर्चा वर्षों तक बनी रही, लेकिन सुमन ने हमेशा इस तुलना को सहजता से टाल दिया।
उन्होंने कई अवसरों पर कहा था कि लता मंगेशकर भारतीय संगीत की महान हस्ती थीं और उनके प्रति उनके मन में गहरा सम्मान था। वर्ष 2022 में दिए एक साक्षात्कार में सुमन कल्याणपुर ने लता मंगेशकर को अपना करीबी बताया था। उन्होंने कहा था कि जब भी दोनों की मुलाकात होती थी, तो वह किसी पुराने मित्र से मिलने जैसा अनुभव होता था।
मोहम्मद रफी के साथ रही यादगार जोड़ी
सुमन कल्याणपुर की संगीत यात्रा में मोहम्मद रफी के साथ उनका सहयोग विशेष रूप से याद किया जाता है। दोनों ने साथ मिलकर बड़ी संख्या में लोकप्रिय युगल गीत गाए, जिन्हें आज भी संगीत प्रेमी पसंद करते हैं।
जानकारी के अनुसार, अपने करियर में सुमन कल्याणपुर ने सैकड़ों गीतों को आवाज दी, जिनमें से लगभग 140 युगल गीत मोहम्मद रफी के साथ रिकॉर्ड किए गए थे। उनकी गायकी में भावनाओं की गहराई और सरलता का अनूठा मेल दिखाई देता था।
सदाबहार गीतों के लिए रहेंगी याद
सुमन कल्याणपुर ने भारतीय सिनेमा को कई ऐसे गीत दिए जो समय के साथ भी अपनी लोकप्रियता बनाए हुए हैं। “आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे” और “तुमने पुकारा और हम चले आए” जैसे गीत आज भी रेडियो, संगीत मंचों और श्रोताओं की पसंदीदा सूची में शामिल हैं।
उनकी आवाज ने कई पीढ़ियों को प्रभावित किया और भारतीय संगीत को समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। संगीत जगत में उनकी विरासत आने वाले वर्षों तक श्रोताओं के बीच जीवित रहेगी।
संगीत जगत ने जताया शोक
सुमन कल्याणपुर के निधन की खबर सामने आने के बाद संगीत और फिल्म जगत से जुड़े कई लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है। उनके प्रशंसक भी सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों के माध्यम से अपनी भावनाएं व्यक्त कर रहे हैं।
भारतीय संगीत के स्वर्णिम दौर की इस प्रतिष्ठित आवाज का जाना एक युग के अंत के रूप में देखा जा रहा है। उनके गीत और योगदान हमेशा संगीत प्रेमियों की स्मृतियों में जीवित रहेंगे।