स्वास्थ्य

High Cortisol Levels and Weight Gain: सावधान! डाइट और जिम के बाद भी नहीं घट रहा है वजन, तो ‘स्ट्रेस हार्मोन’ हो सकता है कारण…

High Cortisol Levels and Weight Gain: अगर आप अपनी डाइट का पूरा ख्याल रख रहे हैं, जंक फूड को अलविदा कह चुके हैं और नियमित वर्कआउट भी कर रहे हैं, फिर भी वेट मशीन पर आंकड़े कम नहीं हो रहे, तो अब आपको अपनी प्लेट से नजर हटाकर अपने हार्मोन्स पर ध्यान देने की जरूरत है। गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. विशाल खुराना के अनुसार, कई मामलों में वजन न घटने का असली कारण (Stubborn Fat and Hormonal Imbalance) होता है। विशेष रूप से शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन का बढ़ा हुआ स्तर आपकी सारी मेहनत पर पानी फेर सकता है। इसे ‘स्ट्रेस हार्मोन’ के नाम से भी जाना जाता है, जो तनाव की स्थिति में शरीर को संचालित करता है।

High Cortisol Levels and Weight Gain
High Cortisol Levels and Weight Gain

क्या है कोर्टिसोल और यह शरीर पर कैसे वार करता है?

कोर्टिसोल एक आवश्यक हार्मोन है जो हमारी एड्रिनल ग्लैंड्स (अधिवृक्क ग्रंथियों) से निकलता है। इसका मुख्य कार्य शरीर के ‘फाइट या फ्लाइट’ रिस्पॉन्स को नियंत्रित करना है। प्राकृतिक चक्र के अनुसार, इसकी मात्रा सुबह के समय सबसे अधिक और रात में कम होनी चाहिए। लेकिन आधुनिक जीवनशैली में जब (Chronic Stress and Cortisol Spike) की स्थिति पैदा होती है, तो इसका स्तर चौबीसों घंटे ऊंचा बना रहता है। यही बढ़ा हुआ लेवल शरीर को सिग्नल देता है कि वह ऊर्जा बचाकर रखे, जिसके परिणाम स्वरूप पेट के आसपास जिद्दी चर्बी जमा होने लगती है।

हाई कोर्टिसोल के चेतावनी भरे लक्षण

डॉ. खुराना बताते हैं कि बढ़ा हुआ कोर्टिसोल केवल वजन ही नहीं बढ़ाता, बल्कि यह शरीर के अन्य अंगों पर भी बुरा असर डालता है। यदि आप लगातार (High Blood Pressure and Mood Swings) का अनुभव कर रहे हैं, चेहरे पर अकारण सूजन महसूस होती है या नींद पूरी नहीं हो पा रही है, तो यह हाई कोर्टिसोल के संकेत हो सकते हैं। महिलाओं में इसके कारण चेहरे पर अनचाहे बालों की ग्रोथ और हड्डियों में कमजोरी जैसी समस्याएं भी देखी जाती हैं। यह मेटाबॉलिज्म को धीमा कर देता है, जिससे वजन घटाना लगभग नामुमकिन हो जाता है।

क्यों हमेशा तनाव में रहता है आपका शरीर?

कोर्टिसोल बढ़ने का सबसे बड़ा कारण आज का मानसिक और भावनात्मक तनाव है। ऑफिस का काम, लगातार ओवरथिंकिंग और निजी जीवन की उलझनें शरीर को हमेशा अलर्ट मोड पर रखती हैं। इसके अलावा (Sleep Deprivation and High Cortisol) का गहरा संबंध है; यदि आप 7-8 घंटे की गहरी नींद नहीं ले रहे हैं, तो आपका शरीर तनाव मुक्त नहीं हो पाता। अनियमित खान-पान और लंबे समय तक स्टेरॉयड दवाओं का सेवन भी इस हार्मोनल असंतुलन को बढ़ावा देता है।

वजन घटाने के लिए अपनाएं ‘एंटी-कोर्टिसोल’ डाइट

जब समस्या हार्मोनल हो, तो केवल कैलोरी कम करने से काम नहीं चलता। डॉ. खुराना के अनुसार, आपको ऐसी डाइट की जरूरत है जो ब्लड शुगर को स्थिर रखे। अपनी डाइट में (Complex Carbohydrates and Fiber) जैसे साबुत अनाज, दालें और हरी सब्जियों को शामिल करें। हेल्दी फैट्स और पर्याप्त प्रोटीन मांसपेशियों की मरम्मत और हार्मोन संतुलन में मदद करते हैं। भोजन में दही और छाछ जैसे प्रोबायोटिक्स का समावेश करें, क्योंकि आंतों का स्वास्थ्य सीधे आपके मानसिक तनाव और कोर्टिसोल लेवल से जुड़ा होता है।

लाइफस्टाइल में बदलाव ही है असली समाधान

डाइट के साथ-साथ कुछ हर्बल बदलाव भी चमत्कार कर सकते हैं। कैफीन की मात्रा कम करें और इसकी जगह तुलसी या कैमोमाइल जैसी (Herbal Tea for Stress Relief) को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। पर्याप्त पानी पीना और नियमित योगाभ्यास कोर्टिसोल को प्राकृतिक रूप से कम करने में सहायक होते हैं। याद रखें, जब तक आपका दिमाग शांत नहीं होगा, आपका शरीर फैट बर्न करने की प्रक्रिया शुरू नहीं करेगा। तनाव मुक्त रहना ही वजन घटाने की पहली सीढ़ी है।

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