AutoMarket – बढ़ती लागत के दबाव में मारुति छोटी कारों की कीमतों पर विचार
AutoMarket – भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी जल्द ही अपनी गाड़ियों की कीमतों को लेकर बड़ा फैसला ले सकती है। कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, लगातार बढ़ती लागत और वैश्विक परिस्थितियों के कारण कीमतों में बदलाव पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, अब तक कंपनी ने खासकर पहली बार कार खरीदने वाले ग्राहकों को ध्यान में रखते हुए कीमतों में बढ़ोतरी से परहेज किया था।

बढ़ती लागत ने बढ़ाया दबाव
हाल के महीनों में ऑटो कंपनियों के सामने इनपुट लागत का दबाव लगातार बढ़ा है। इसके पीछे मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, मुद्रा विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी चुनौतियां हैं। मध्य-पूर्व में जारी तनाव का असर वैश्विक सप्लाई चेन पर भी पड़ रहा है, जिससे वाहन निर्माण की लागत प्रभावित हो रही है। ऐसे माहौल में मारुति सुजुकी भी इस दबाव से अछूती नहीं रही है।
मजबूत मांग के बावजूद चुनौती
कंपनी के मुताबिक, बाजार में अभी भी मांग मजबूत बनी हुई है। मारुति के पास करीब 1.9 लाख वाहनों के लंबित ऑर्डर हैं, जो ग्राहकों की दिलचस्पी को दर्शाते हैं। उत्पादन के लिहाज से कंपनी की स्थिति फिलहाल संतुलित है, लेकिन लागत बढ़ने के कारण मार्जिन पर असर पड़ रहा है। यही वजह है कि कंपनी कीमतों में संशोधन पर विचार कर रही है।
छोटी कारों की लगातार बनी लोकप्रियता
मारुति सुजुकी की कम कीमत वाली छोटी कारें लंबे समय से कंपनी की बिक्री का आधार रही हैं। शहरी और ग्रामीण दोनों बाजारों में ये कारें अपनी किफायती कीमत और भरोसेमंद प्रदर्शन के कारण पसंद की जाती हैं। सेलेरियो, वैगनआर, स्विफ्ट, बलेनो और डिजायर जैसे मॉडल लगातार ग्राहकों की पसंद बने हुए हैं। मार्च 2026 में इस सेगमेंट की 83,530 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की गई, जबकि पूरे वित्त वर्ष 2026 में यह आंकड़ा 9.2 लाख से अधिक रहा।
डिजायर बनी सबसे ज्यादा बिकने वाली कार
वित्त वर्ष 2026 में कुल 2.3 लाख यूनिट्स की बिक्री के साथ डिजायर देश की सबसे ज्यादा बिकने वाली कार के रूप में उभरी। इसके अलावा GST 2.0 लागू होने के बाद छोटे मॉडल्स की कीमतों में आई राहत ने भी बिक्री को बढ़ावा दिया। इससे कंपनी को अपने बाजार हिस्सेदारी को मजबूत करने में मदद मिली।
कीमत बढ़ाने पर जल्द फैसला संभव
मारुति सुजुकी के वरिष्ठ अधिकारी पार्थो बनर्जी ने संकेत दिया है कि कंपनी जल्द ही कीमतों की समीक्षा करेगी। उनका कहना है कि बढ़ती लागत को देखते हुए यह तय किया जाएगा कि कीमतों में बढ़ोतरी का कितना असर ग्राहकों पर डाला जा सकता है। फिलहाल कंपनी संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है ताकि ग्राहकों पर ज्यादा बोझ न पड़े और कारोबार भी प्रभावित न हो।