Wellness – तुलसी और दूध का यह ड्रिंक दे सकता है सुकूनभरी नींद
Wellness – आजकल भागदौड़ भरी जिंदगी, तनाव और अनियमित दिनचर्या का असर लोगों की नींद और मानसिक स्वास्थ्य पर साफ दिखाई देने लगा है। कई लोग धूम्रपान और शराब की आदत कम करने की कोशिश में भी बेचैनी, तनाव और नींद की परेशानी महसूस करते हैं। ऐसे में कुछ घरेलू और आसान उपाय लोगों को राहत देने में मदद कर सकते हैं। तुलसी और दूध से तैयार किया जाने वाला एक साधारण ड्रिंक भी इन्हीं उपायों में शामिल माना जा रहा है, जिसे कई लोग रात के समय आराम महसूस करने के लिए अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना रहे हैं।

घर में आसानी से तैयार हो जाता है यह ड्रिंक
यह पेय बनाने के लिए ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं होती। सामान्य रसोई में मौजूद दूध और तुलसी के पत्तों से इसे आसानी से तैयार किया जा सकता है। इसके लिए आधा लीटर दूध और चार से पांच तुलसी के पत्ते पर्याप्त माने जाते हैं।
इसे बनाने के लिए सबसे पहले दूध को हल्की आंच पर गर्म किया जाता है। इसके बाद उसमें तुलसी की पत्तियां डाल दी जाती हैं और कुछ मिनट तक पकाया जाता है, ताकि तुलसी का स्वाद और उसके प्राकृतिक गुण दूध में मिल जाएं। फिर इसे छानकर हल्का गर्म रहने पर पिया जा सकता है।
शरीर और मन को शांत रखने में मदद
विशेषज्ञों के अनुसार, गर्म दूध को लंबे समय से आराम और बेहतर नींद से जोड़कर देखा जाता रहा है। रात में इसे पीने से शरीर को आराम महसूस हो सकता है। वहीं तुलसी को आयुर्वेद में एक महत्वपूर्ण पौधा माना जाता है, जिसे मानसिक तनाव कम करने और मन को शांत रखने में सहायक बताया जाता है।
जब कोई व्यक्ति शराब या सिगरेट की आदत कम करने की कोशिश करता है, तब उसे बेचैनी और चिड़चिड़ापन महसूस हो सकता है। ऐसे समय में हल्का और आराम देने वाला पेय मानसिक स्थिति को कुछ हद तक संतुलित रखने में मदद कर सकता है। हालांकि विशेषज्ञ इसे किसी इलाज का विकल्प नहीं मानते।
क्रेविंग कम करने में भी हो सकता है सहायक
स्वास्थ्य से जुड़े जानकारों का कहना है कि तनाव और खराब नींद कई बार लोगों को दोबारा पुरानी आदतों की तरफ धकेल देती है। यदि शरीर और दिमाग रिलैक्स महसूस करें, तो cravings को नियंत्रित करना थोड़ा आसान हो सकता है। इसी वजह से कुछ लोग रात के समय इस तरह के घरेलू पेय को अपने रूटीन में शामिल करते हैं।
हालांकि इसका असर हर व्यक्ति पर अलग हो सकता है। इसलिए केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय संतुलित जीवनशैली अपनाना भी जरूरी माना जाता है।
इन बातों का ध्यान रखना भी जरूरी
डॉक्टरों का कहना है कि अगर किसी व्यक्ति को शराब या धूम्रपान की गंभीर लत है, तो उसे विशेषज्ञ की सलाह जरूर लेनी चाहिए। केवल घरेलू नुस्खों के भरोसे रहना पर्याप्त नहीं होता। सही डाइट, पर्याप्त नींद और नियमित दिनचर्या भी इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
विशेषज्ञ धीरे-धीरे आदत कम करने की सलाह देते हैं, क्योंकि अचानक बदलाव कई बार तनाव बढ़ा सकता है। इसके साथ ही मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना भी जरूरी माना जाता है।
स्वस्थ दिनचर्या से मिल सकता है फायदा
स्मोकिंग और शराब की आदत कम करने के लिए कुछ सामान्य आदतें भी मददगार मानी जाती हैं। रोजाना हल्की एक्सरसाइज या वॉक करना, पर्याप्त पानी पीना और समय पर सोने की कोशिश करना शरीर को बेहतर स्थिति में रखने में सहायक हो सकता है। परिवार और दोस्तों का सहयोग भी इस दौरान व्यक्ति का मनोबल बढ़ाने में मदद करता है।
तनाव कम करने के लिए मेडिटेशन और रिलैक्सेशन तकनीकों को भी उपयोगी माना जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि छोटी-छोटी सकारात्मक आदतें धीरे-धीरे बड़े बदलाव का कारण बन सकती हैं।