Cruise – दो देशों ने क्रूज को प्रवेश से रोका, बदला यात्रियों का यात्रा कार्यक्रम
Cruise- एथेंस से वेनिस के लिए रवाना हुआ एक अंतरराष्ट्रीय क्रूज जहाज निर्धारित मार्ग पर आगे बढ़ने के दौरान नई मुश्किलों में घिर गया। जहाज को पहले तुर्किए और उसके बाद मिस्र के बंदरगाहों पर रुकने की अनुमति नहीं मिली। इसके बाद संचालक कंपनी को यात्रा कार्यक्रम में बदलाव करते हुए वैकल्पिक बंदरगाह की तलाश शुरू करनी पड़ी। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार जहाज पर करीब दो हजार यात्री और आयोजन से जुड़े सदस्य सवार हैं।

तुर्किए के बाद मिस्र ने भी नहीं दी अनुमति
रिपोर्टों के मुताबिक इस क्रूज को पहले तुर्किए के दो बंदरगाहों पर रुकना था, लेकिन स्थानीय प्रशासन ने अनुमति देने से इनकार कर दिया। इसके बाद जहाज मिस्र की ओर बढ़ा, जहां भी उसे निर्धारित बंदरगाह पर ठहरने की मंजूरी नहीं मिली। फिलहाल जहाज के अगले पड़ाव को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है और कंपनी वैकल्पिक मार्ग पर काम कर रही है।
यात्रियों को दी गई नई जानकारी
अंतरराष्ट्रीय मीडिया के अनुसार जहाज पर मौजूद ब्रॉडवे कलाकार पैटी लुपोन ने सोशल मीडिया के माध्यम से बताया कि पहले तुर्किए और फिर मिस्र में प्रवेश की अनुमति नहीं मिलने से यात्रियों का कार्यक्रम प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि यात्रियों को जहाज पर ही नई स्थिति की जानकारी दी गई और अब सभी अगली मंजिल के ऐलान का इंतजार कर रहे हैं।
कंपनी ने जताई निराशा
यात्रा का आयोजन करने वाली अटलांटिस इवेंट्स ने दोनों देशों के फैसले पर निराशा व्यक्त की है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रिच कैंपबेल ने कहा कि पहले इसी क्षेत्र में आयोजित यात्रा के दौरान ऐसी कोई स्थिति सामने नहीं आई थी। उनके अनुसार कंपनी ने तय कार्यक्रम के अनुसार सभी आवश्यक तैयारियां की थीं, लेकिन अंतिम समय में अनुमति नहीं मिलने से पूरा कार्यक्रम प्रभावित हुआ।
क्या है पूरा मामला
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार स्कारलेट लेडी नामक इस क्रूज का संचालन वर्जिन वॉयजेज करती है, जबकि यात्रा का आयोजन अटलांटिस इवेंट्स द्वारा किया गया था। यह दस दिन की समुद्री यात्रा एथेंस से शुरू होकर वेनिस तक पहुंचने वाली थी। रिपोर्टों में कहा गया है कि जहाज पर बड़ी संख्या में LGBTQ+ समुदाय से जुड़े यात्री मौजूद हैं और इसी यात्रा के तहत विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तावित थे।
आधिकारिक और स्थानीय पक्ष
रिपोर्टों के अनुसार तुर्किए के अधिकारियों ने अपने निर्णय के पीछे स्थानीय सामाजिक और पारिवारिक मूल्यों का हवाला दिया है। वहीं मिस्र की ओर से इस विषय पर विस्तृत सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया में प्रकाशित रिपोर्टों में विशेषज्ञों का कहना है कि दोनों देशों में LGBTQ+ समुदाय से जुड़े कानून और सामाजिक नीतियां अपेक्षाकृत सख्त मानी जाती हैं। फिलहाल जहाज के संचालक नए बंदरगाह की व्यवस्था करने में जुटे हैं ताकि यात्रा सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ाई जा सके।