Cyclone – फिलीपींस में तबाही के बाद ताइवान, जापान और चीन की ओर बढ़ा बावी
Cyclone- पूर्वी एशिया में सुपर टाइफून ‘बावी’ ने गंभीर चिंता पैदा कर दी है। फिलीपींस में भारी बारिश और भूस्खलन के चलते कम से कम 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि छह लोगों की तलाश जारी है। अब यह शक्तिशाली तूफान ताइवान, जापान और चीन के दक्षिण-पूर्वी तटीय इलाकों की ओर तेजी से बढ़ रहा है। संभावित खतरे को देखते हुए कई देशों ने राहत एवं बचाव एजेंसियों को अलर्ट पर रखा है।

फिलीपींस में बारिश और भूस्खलन से भारी नुकसान
दक्षिणी मिंडानाओ द्वीप में लगातार तेज बारिश के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। स्थानीय प्रशासन के अनुसार राहत और बचाव अभियान जारी है तथा लापता लोगों की तलाश की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित इलाकों में हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
ताइवान में व्यापक तैयारियां
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बावी का दायरा करीब 1,000 किलोमीटर तक फैला हुआ है। ताइवान की मौसम एजेंसी ने चेतावनी दी है कि तूफान के दौरान हवाओं की गति लगभग 190 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। उत्तरी और पूर्वी क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा की आशंका है, जिससे बाढ़ और भूस्खलन का जोखिम बढ़ गया है। समुद्र में नौ मीटर तक ऊंची लहरें उठने की संभावना भी जताई गई है।
संभावित खतरे को देखते हुए ताइवान सरकार ने बड़े पैमाने पर एहतियाती कदम उठाए हैं। राष्ट्रपति लाई चिंग-ते ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। लगभग 29 हजार सैनिकों को आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखा गया है। कई संवेदनशील इलाकों से दो हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। स्कूल, सरकारी कार्यालय बंद कर दिए गए हैं और अनेक घरेलू व अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी रद्द की गई हैं।
जापान और चीन भी अलर्ट मोड पर
मौसम विभाग का अनुमान है कि ताइवान के बाद यह तूफान जापान के दक्षिणी द्वीपों के पास से गुजर सकता है। एहतियातन जापान एयरलाइंस ने 100 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी हैं, जिससे हजारों यात्रियों की यात्रा प्रभावित हुई है।
इसके बाद तूफान के चीन के दक्षिण-पूर्वी प्रांत फुजियान की ओर बढ़ने की संभावना जताई गई है। हाल के दिनों में चीन के कई हिस्से पहले ही खराब मौसम और भारी बारिश का सामना कर चुके हैं। ऐसे में प्रशासन ने अतिरिक्त सतर्कता बरतने और आपदा प्रबंधन टीमों को तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।
भारत पर क्या होगा असर?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार सुपर टाइफून बावी से भारत को किसी प्रत्यक्ष खतरे की आशंका नहीं है। यह तूफान प्रशांत महासागर क्षेत्र में सक्रिय है और इसका संभावित मार्ग भारतीय भूभाग से काफी दूर है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि इतने बड़े समुद्री तूफान का सीमित और अस्थायी प्रभाव क्षेत्रीय मानसूनी परिसंचरण पर पड़ सकता है। इसके बावजूद भारत में तेज हवाओं या तूफान जैसी स्थिति बनने की संभावना फिलहाल नहीं बताई गई है।