Diplomacy – नए वैश्विक सहयोग पर बोले नेतन्याहू, भारत का किया उल्लेख…
Diplomacy – इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हालिया बातचीत में संकेत दिया है कि उनका देश पारंपरिक सहयोगियों के साथ-साथ अन्य प्रभावशाली देशों के साथ भी रणनीतिक संबंध मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है। इस दौरान उन्होंने भारत का उल्लेख करते हुए कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में नए साझेदारों के साथ सहयोग बढ़ाना आवश्यक है। उनका यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब हाल के महीनों में अमेरिका और इजरायल के बीच कुछ प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मुद्दों को लेकर मतभेदों की चर्चा रही है।

भारत के साथ सहयोग पर दिया जोर
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एक इंटरव्यू में नेतन्याहू ने कहा कि मौजूदा समय में इजरायल विभिन्न देशों के साथ अपने रिश्तों को और मजबूत बनाने पर ध्यान दे रहा है। उन्होंने भारत का उदाहरण देते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार आगे बढ़ रहा है। उनके अनुसार, भारत जैसी बड़ी वैश्विक शक्ति के साथ संबंधों का विस्तार इजरायल की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच कई क्षेत्रों में सकारात्मक सहयोग की संभावनाएं मौजूद हैं।
अमेरिकी टिप्पणी पर दिया जवाब
इंटरव्यू के दौरान नेतन्याहू ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की हालिया टिप्पणी पर भी प्रतिक्रिया दी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वेंस ने पहले कहा था कि इजरायल को अपने प्रमुख सहयोगी अमेरिका के साथ सार्वजनिक मतभेदों से बचना चाहिए। इसके जवाब में नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई मित्र देश हैं और भारत उनमें प्रमुख स्थान रखता है। उन्होंने भारत की बड़ी आबादी और दोनों देशों के बीच विकसित होते संबंधों का भी उल्लेख किया।
मतभेदों की पृष्ठभूमि
अमेरिका और इजरायल के बीच हाल के समय में ईरान से जुड़े घटनाक्रमों को लेकर अलग-अलग दृष्टिकोण सामने आए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका द्वारा ईरान के साथ तनाव कम करने के उद्देश्य से उठाए गए कूटनीतिक कदमों पर इजरायल ने अपनी असहमति जताई थी। इसके बाद दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बयानों ने इस विषय को और चर्चा में ला दिया। हालांकि दोनों देश लंबे समय से रणनीतिक सहयोगी रहे हैं और रक्षा सहित कई क्षेत्रों में उनका सहयोग जारी है।
पुस्तक में सामने आए नए दावे
इसी बीच अमेरिकी राजनीति पर आधारित एक नई पुस्तक में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू के संबंधों को लेकर कुछ दावे भी किए गए हैं। पुस्तक के लेखकों ने एक कथित फोन वार्ता का उल्लेख करते हुए दावा किया है कि दोनों नेताओं के बीच एक महत्वपूर्ण मुद्दे पर बातचीत के दौरान तीखी बहस हुई थी। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे दावों को प्रमाणित तथ्यों के साथ ही देखा जाना चाहिए। फिलहाल नेतन्याहू के हालिया बयान ने इजरायल की विदेश नीति और भारत समेत अन्य देशों के साथ उसके रणनीतिक संबंधों को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है।