अंतर्राष्ट्रीय

GlobalTensions – पाकिस्तान की भूमिका पर अमेरिकी सांसद ने उठाए सवाल

GlobalTensions – अमेरिका और ईरान के बीच जारी कूटनीतिक तनाव के बीच पाकिस्तान की संभावित भूमिका को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। अमेरिकी रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि इस पूरे मामले में पाकिस्तान की मध्यस्थ भूमिका चिंता पैदा कर सकती है। उन्होंने पाकिस्तान की विदेश नीति और इजरायल को लेकर उसके रुख पर सवाल उठाए हैं।

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यह बयान ऐसे समय आया है जब पाकिस्तान ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस अपील को खारिज कर दिया, जिसमें कुछ मुस्लिम देशों से अब्राहम समझौते में शामिल होने का आग्रह किया गया था।

अमेरिकी सांसद ने जताई चिंता

सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए बयान में कहा कि पाकिस्तान और इजरायल के बीच लंबे समय से तनावपूर्ण संबंध रहे हैं, ऐसे में किसी क्षेत्रीय शांति प्रक्रिया में उसकी भूमिका पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि पाकिस्तान के कुछ कदम उसकी निष्पक्षता को लेकर संदेह पैदा करते हैं। हालांकि इन दावों पर अभी तक कोई आधिकारिक अंतरराष्ट्रीय पुष्टि सामने नहीं आई है। ग्राहम ने कहा कि यदि पाकिस्तान किसी क्षेत्रीय समझौते में भूमिका निभाना चाहता है तो उसे अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

पाकिस्तान ने दोहराया अपना रुख

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक टीवी इंटरव्यू में स्पष्ट कहा कि उनका देश ऐसी किसी पहल का हिस्सा नहीं बनेगा जो उसकी मौजूदा नीति और विचारधारा से मेल नहीं खाती। उन्होंने इजरायल के साथ संबंध सामान्य करने के सवाल पर भी पुराना रुख दोहराया।

पाकिस्तानी नेतृत्व का कहना है कि जब तक फिलिस्तीन मुद्दे का समाधान नहीं निकलता, तब तक इजरायल को मान्यता देने का सवाल नहीं उठता। पाकिस्तान लंबे समय से स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य की मांग का समर्थन करता रहा है।

ट्रंप की क्षेत्रीय रणनीति पर चर्चा

डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में मध्य पूर्व में व्यापक शांति व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया था। उन्होंने दावा किया कि ईरान के साथ बातचीत सकारात्मक दिशा में बढ़ रही है और क्षेत्रीय देशों को नए सहयोग मॉडल पर विचार करना चाहिए।

ट्रंप ने सऊदी अरब, कतर, तुर्किये, मिस्र और पाकिस्तान जैसे देशों से क्षेत्रीय समझौतों में शामिल होने की अपील की थी। उन्होंने यह भी कहा था कि यदि बातचीत सफल रही तो मध्य पूर्व में आर्थिक और सुरक्षा सहयोग के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।

क्या है अब्राहम समझौता

अब्राहम समझौता वर्ष 2020 में अमेरिका की पहल पर शुरू हुआ था। इसका उद्देश्य इजरायल और कई अरब देशों के बीच राजनयिक संबंध स्थापित करना था। इस समझौते के तहत संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, मोरक्को और सूडान जैसे देशों ने इजरायल के साथ संबंध सामान्य किए।

इसके बाद व्यापार, निवेश, पर्यटन और सुरक्षा सहयोग के कई नए समझौते हुए। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल मध्य पूर्व की राजनीति में बड़ा बदलाव लेकर आई थी।

पाकिस्तान के पासपोर्ट नियमों की भी चर्चा

इस मुद्दे के बीच पाकिस्तान की पुरानी नीति एक बार फिर चर्चा में है। पाकिस्तान के पासपोर्ट पर लंबे समय से यह उल्लेख किया जाता है कि वह इजरायल को छोड़कर अन्य देशों के लिए मान्य है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान के लिए यह केवल कूटनीतिक नहीं बल्कि घरेलू राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा भी है। इसलिए सरकार इस मामले में किसी भी बदलाव को लेकर बेहद सतर्क दिखाई दे रही है।

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