IranDeal – ईरान समझौते पर ट्रंप ने जल्दबाजी से किया इनकार
IranDeal – अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रही वार्ताओं को लेकर एक बार फिर अपना सख्त रुख सार्वजनिक किया है। उन्होंने कहा है कि अमेरिका किसी भी स्थिति में ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं देगा। ट्रंप ने साफ किया कि बातचीत जारी रहेगी, लेकिन किसी भी समझौते में जल्दबाजी नहीं की जाएगी। उनका कहना है कि इस मुद्दे पर धैर्य और रणनीतिक सोच के साथ आगे बढ़ना जरूरी है।

सोशल मीडिया पर साझा किया बयान
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक विस्तृत पोस्ट के जरिए ईरान नीति पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वार्ता को जल्द खत्म करने के दबाव में कोई निर्णय न लिया जाए। ट्रंप के अनुसार, अमेरिका को ऐसा समझौता चाहिए जो लंबे समय तक स्थिरता बनाए रख सके और भविष्य में किसी बड़े संघर्ष को रोके।
ओबामा सरकार की नीति पर फिर उठाए सवाल
अपने बयान में ट्रंप ने वर्ष 2015 में हुई परमाणु डील का भी उल्लेख किया। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा की नीति की आलोचना करते हुए कहा कि उस समझौते ने ईरान को अधिक छूट दी थी। ट्रंप का दावा है कि उनकी सरकार की बातचीत पहले की तुलना में अधिक सख्त और व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान रणनीति का उद्देश्य केवल समझौता करना नहीं, बल्कि स्थायी सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
होर्मुज क्षेत्र में अमेरिकी रणनीति पर जोर
ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास अमेरिका की रणनीतिक मौजूदगी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में अमेरिकी निगरानी और दबाव की नीति प्रभावी बनी हुई है और यह तब तक जारी रहेगी जब तक कोई ठोस समझौता नहीं हो जाता। ट्रंप के मुताबिक इस तरह की रणनीति से अमेरिका को बातचीत में मजबूत स्थिति मिलती है।
ईरान के साथ संबंधों को बताया बेहतर
अपने बयान में ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच मौजूदा संवाद पहले की तुलना में अधिक पेशेवर तरीके से चल रहा है। हालांकि उन्होंने दोहराया कि अमेरिका की प्राथमिकता स्पष्ट है और ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उनका कहना था कि किसी भी बातचीत का आधार क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक स्थिरता होना चाहिए।
मध्य पूर्वी देशों को दिया धन्यवाद
ट्रंप ने मध्य पूर्व के उन देशों का भी आभार जताया जिन्होंने अमेरिका के साथ सहयोग बनाए रखा। उन्होंने कहा कि कई देशों ने कठिन परिस्थितियों में अमेरिका का साथ दिया और क्षेत्रीय शांति बनाए रखने में योगदान दिया। ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो ईरान भी क्षेत्रीय सहयोग की बड़ी पहलों का हिस्सा बन सकता है।
वैश्विक राजनीति पर नजर
ट्रंप के इस बयान को ऐसे समय में अहम माना जा रहा है जब पश्चिम एशिया में तनाव और कूटनीतिक गतिविधियां लगातार चर्चा में हैं। अमेरिका और ईरान के बीच जारी बातचीत पर दुनियाभर की नजर बनी हुई है, क्योंकि इसका असर अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और तेल बाजार दोनों पर पड़ सकता है।