MiddleEastConflict – ईरान-इजरायल हमलों से बढ़ा तनाव, कई ठिकाने प्रभावित
MiddleEastConflict – मध्य पूर्व में जारी तनाव थमने के संकेत नहीं दे रहा है। बातचीत के प्रयासों के बीच भी ईरान और इजरायल एक-दूसरे पर लगातार हमले कर रहे हैं। रविवार को ईरान ने दक्षिणी इजरायल के एक केमिकल प्लांट को निशाना बनाया, जिससे वहां भीषण आग लग गई। इस घटना के बाद आसपास के इलाके में जहरीले पदार्थों के फैलने की आशंका बढ़ गई है। वहीं, जवाबी कार्रवाई में इजरायल ने तेहरान के कुछ हिस्सों पर हवाई हमले किए।

केमिकल प्लांट पर हमले से बढ़ी चिंता
हमले का शिकार बना औद्योगिक संयंत्र एक अंतरराष्ट्रीय समूह से जुड़ा है। कंपनी की ओर से जारी जानकारी में कहा गया है कि नुकसान का आकलन अभी जारी है। यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मिसाइल सीधे प्लांट पर गिरी या फिर उसे हवा में रोकने के बाद उसका मलबा वहां गिरा। फिलहाल किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन घटना ने औद्योगिक सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आसपास के क्षेत्र में सतर्कता बढ़ाई गई
इजरायल की आपातकालीन सेवाओं ने घटना के बाद इलाके को संवेदनशील घोषित कर दिया है। दमकल विभाग की कई टीमें आग बुझाने में जुटी हैं और लोगों से औद्योगिक क्षेत्र से दूर रहने की अपील की गई है। प्रशासन ने आसपास रहने वाले लोगों को घरों के अंदर रहने, खिड़कियां बंद रखने और सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पालन करने को कहा है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि निर्धारित दूरी से बाहर आम जनता को तत्काल खतरा नहीं है।
हमलों के दृश्य और बढ़ती सैन्य गतिविधि
घटनास्थल से सामने आए वीडियो और तस्वीरों में ऊंची लपटें और काले धुएं का गुबार देखा गया। सुरक्षा एजेंसियां आग को फैलने से रोकने में लगी हुई हैं। बताया जा रहा है कि यह इलाका एक बड़े शहर के करीब स्थित है और यहां कई रणनीतिक ठिकाने भी मौजूद हैं। इससे पहले भी हाल के दिनों में इस क्षेत्र में हमले हुए थे, जिनमें कई लोग घायल हुए थे।
कुवैत और खाड़ी देशों तक पहुंचा असर
संघर्ष का असर अब अन्य देशों तक भी दिखाई देने लगा है। कुवैत में एक सैन्य शिविर पर हुए हमले में कई सैनिक घायल हो गए। वहीं, खाड़ी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में मिसाइल और ड्रोन गतिविधियों की जानकारी सामने आई है। हालांकि, कई हमलों को एयर डिफेंस सिस्टम ने निष्क्रिय कर दिया, जिससे बड़े नुकसान को टाला जा सका।
ईरान में शैक्षणिक संस्थानों पर हमले
इजरायल ने ईरान के इस्फहान शहर में स्थित एक प्रमुख तकनीकी विश्वविद्यालय को भी निशाना बनाया। यह हाल के दिनों में इस परिसर पर दूसरा हमला बताया जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, एक अनुसंधान केंद्र को नुकसान पहुंचा है और कुछ कर्मचारियों को मामूली चोटें आई हैं। इस घटना ने शैक्षणिक संस्थानों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
जवाबी चेतावनी और बढ़ता कूटनीतिक दबाव
विश्वविद्यालय पर हमले के बाद ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उसने चेतावनी दी है कि यदि उसके शैक्षणिक संस्थानों को निशाना बनाया गया, तो वह क्षेत्र में मौजूद विदेशी विश्वविद्यालयों को भी लक्ष्य बना सकता है। इसके साथ ही ईरान ने अमेरिका से इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख अपनाने और हमलों की निंदा करने की मांग की है। यह बयान कूटनीतिक स्तर पर तनाव को और बढ़ाने वाला माना जा रहा है।
बंदरगाह और औद्योगिक ठिकानों पर असर
संघर्ष के दौरान ईरान के एक प्रमुख बंदरगाह पर भी हमला हुआ, जिसमें जनहानि की खबर सामने आई है। इसके अलावा खाड़ी क्षेत्र में एल्युमीनियम उद्योग से जुड़े प्रतिष्ठानों को भी निशाना बनाया गया। कुछ जगहों पर कर्मचारियों के घायल होने और ढांचे को नुकसान पहुंचने की जानकारी दी गई है। इन घटनाओं ने क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था पर भी असर डालना शुरू कर दिया है।



