BombDiscovery – बहरागोड़ा में नदी किनारे संदिग्ध बम मिलने से बढ़ी चिंता
BombDiscovery – पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा क्षेत्र में सुवर्णरेखा नदी के किनारे एक संदिग्ध बम जैसी वस्तु मिलने से स्थानीय स्तर पर सतर्कता बढ़ा दी गई है। ग्रामीणों ने बुधवार रात इस वस्तु को देखा, जिसके बाद इलाके में हलचल मच गई। आशंका जताई जा रही है कि यह विस्फोटक सामग्री पुराने समय की हो सकती है, हालांकि इसकी पुष्टि अभी आधिकारिक जांच के बाद ही होगी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित घेरा बनाकर निगरानी शुरू कर दी गई।

पहले भी मिल चुके हैं विस्फोटक, बढ़ी गंभीरता
इसी वर्ष मार्च महीने में भी इसी इलाके में दो सक्रिय बम बरामद किए गए थे, जिन्हें बाद में भारतीय सेना की टीम ने निष्क्रिय किया था। उस समय भी विशेषज्ञों ने अनुमान लगाया था कि ये बम काफी पुराने, संभवतः युद्धकालीन अवशेष हो सकते हैं। दोनों बमों का वजन काफी अधिक था और उन्हें सुरक्षित तरीके से नष्ट करने के लिए विशेष प्रक्रिया अपनाई गई थी। इस पृष्ठभूमि में ताजा बरामदगी को भी गंभीरता से लिया जा रहा है।
पूर्व बरामदगी के करीब ही मिला नया संदिग्ध
ग्रामीण पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग के अनुसार, यह संदिग्ध वस्तु पानीपाड़ा गांव के पास नदी किनारे पाई गई है। उन्होंने बताया कि यह स्थान उस जगह से लगभग 50 से 100 मीटर की दूरी पर है, जहां पहले विस्फोटक मिले थे। प्रशासन ने भारतीय सेना के अधिकारियों से संपर्क किया है ताकि विशेषज्ञ टीम मौके पर पहुंचकर वस्तु की जांच कर सके और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
आकार और बनावट से बढ़ी आशंका
स्थानीय थाना प्रभारी शंकर प्रसाद कुशवाहा ने बताया कि जो वस्तु मिली है, उसका आकार और बनावट पहले मिले बमों से मिलती-जुलती प्रतीत होती है। यह धातु से बनी भारी संरचना है, जिससे संदेह और गहरा गया है। एहतियात के तौर पर आसपास के क्षेत्र में लोगों की आवाजाही सीमित कर दी गई है और पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
मार्च में सेना ने किया था सुरक्षित निष्क्रियकरण
मार्च में जब दो बड़े बम मिले थे, तब भारतीय सेना ने पूरे इलाके को खाली कराकर विशेष सावधानी के साथ उन्हें निष्क्रिय किया था। एक बम का वजन लगभग 200 किलोग्राम बताया गया था, जिसे रेत की खुदाई के दौरान पाया गया था। सुरक्षा मानकों के तहत गहरे गड्ढे बनाकर विस्फोटकों को उसमें रखा गया और चारों ओर से सुरक्षित ढंग से ढंक दिया गया था, ताकि किसी तरह की क्षति से बचा जा सके।
नियंत्रित प्रक्रिया के तहत किया गया था विस्फोट
सेना की बम निरोधक टीम ने दोनों बमों को अलग-अलग समय अंतराल में निष्क्रिय किया था। करीब 30 मिनट के अंतर पर यह प्रक्रिया पूरी की गई थी। उस दौरान आसपास के लोगों को सतर्क रहने और क्षेत्र से दूर रहने की सलाह दी गई थी। प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया था कि अगले 24 घंटों तक कोई भी व्यक्ति उस स्थान के पास न जाए।
प्रशासन की सतर्कता, जांच जारी
ताजा घटना के बाद प्रशासन किसी भी तरह का जोखिम लेने के मूड में नहीं है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। विशेषज्ञों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह वस्तु वास्तव में विस्फोटक है या नहीं। फिलहाल स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों से बचें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।



