Encroachment – Ranchi Municipal Corporation intensifies action against illegal occupation and public space misuse
Encroachment – रांची नगर निगम ने शुक्रवार को शहर में सार्वजनिक स्थलों को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए व्यापक अभियान चलाया। डीपीएस चौक से मेकॉन तक चले इस अभियान के दौरान सड़क, फुटपाथ, नदी किनारे और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई की गई। निगम की इंफोर्समेंट टीम ने दो अवैध गैरेजों पर कार्रवाई करते हुए अस्थायी ढांचे हटाए और लंबे समय से सड़क किनारे खड़े एक लावारिस कंडम वाहन को जब्त कर हटाया।

सड़क किनारे अवैध कब्जों पर सख्ती
यह अभियान सहायक नगर आयुक्त के नेतृत्व में संचालित किया गया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कुछ गैरेज संचालकों ने बड़ी संख्या में वाहन सड़क किनारे खड़े कर रखे थे, जिससे यातायात प्रभावित हो रहा था और राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अधिकारियों ने संबंधित संचालकों को 24 घंटे के भीतर सभी वाहन हटाने का निर्देश दिया। साथ ही स्पष्ट किया गया कि भविष्य में दोबारा अतिक्रमण मिलने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
भुसुर नदी किनारे अवैध मीट दुकानों को हटाया
अभियान के दौरान भुसुर नदी के किनारे संचालित दो अवैध मीट दुकानों को भी हटाया गया। निरीक्षण में सामने आया कि दुकानों से निकलने वाला जैविक अपशिष्ट नदी और आसपास के क्षेत्र में फेंका जा रहा था। इससे न केवल नदी प्रदूषित हो रही थी, बल्कि बड़ी संख्या में पक्षियों के एकत्र होने की स्थिति भी बन रही थी। अधिकारियों के अनुसार यह इलाका फ्लाइंग जोन के दायरे में आता है, इसलिए पक्षियों की बढ़ती मौजूदगी विमान संचालन की दृष्टि से भी चिंता का विषय मानी गई।
हरित क्षेत्र विकसित करने की तैयारी
नगर निगम ने कार्रवाई के साथ क्षेत्र के सौंदर्यीकरण की दिशा में भी कदम बढ़ाने का निर्णय लिया है। सहायक नगर आयुक्त ने हॉर्टिकल्चर शाखा को निर्देश दिया कि भुसुर नदी किनारे और आसपास के उपयुक्त स्थानों की पहचान कर वहां ग्रीन पैच विकसित किए जाएं। निगम का उद्देश्य इन स्थलों को स्वच्छ, हरित और व्यवस्थित स्वरूप देकर शहर के पर्यावरण और सौंदर्य में सुधार करना है।
राजेंद्र भवन के पास वेंडिंग व्यवस्था पर स्थानीय लोगों की आपत्ति
इधर वार्ड संख्या-41 के सेक्टर-2 स्थित राजेंद्र भवन के सामने खाली पड़ी जमीन पर वेंडर्स के लिए स्थान चिन्हित किए जाने की खबर के बाद स्थानीय निवासियों ने विरोध दर्ज कराया है। लोगों का कहना है कि मैदान के बीच का हिस्सा लंबे समय से चारपहिया वाहनों की पार्किंग के लिए उपयोग में आता है और भविष्य में इसका उपयोग धार्मिक आयोजनों के लिए भी प्रस्तावित माना जाता है। ऐसे में यदि पूरे क्षेत्र को वेंडिंग जोन में बदल दिया गया तो स्थानीय सुविधाएं प्रभावित हो सकती हैं।
पार्षद ने व्यवस्था सुधारने की बताई पहल
वार्ड पार्षद नीलम चौधरी ने इन आरोपों को लेकर कहा कि सड़क किनारे अनियमित रूप से लगने वाले ठेलों के कारण अक्सर जाम की स्थिति बनती रही है। इसी समस्या के समाधान और वेंडर्स को व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह पहल की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि राजेंद्र भवन के आसपास असामाजिक तत्वों के जमावड़े की शिकायतें मिलती रही हैं और व्यवस्थित वेंडिंग व्यवस्था से क्षेत्र में बेहतर नियंत्रण स्थापित करने में मदद मिलेगी।
पार्किंग और सार्वजनिक सुविधाओं को लेकर चिंता
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि वेंडर्स की संख्या बढ़ती है तो पार्किंग व्यवस्था प्रभावित हो सकती है और आसपास के आवासीय क्षेत्र में भीड़भाड़ बढ़ने की आशंका रहेगी। लोगों ने यह भी चिंता जताई कि खुले मैदान का दायरा सीमित होने से सामाजिक एवं धार्मिक आयोजनों के दौरान आवश्यक स्थान उपलब्ध कराने में कठिनाई हो सकती है। फिलहाल इस मुद्दे पर स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों के बीच अलग-अलग राय सामने आ रही है।