GoldPrice – वैश्विक तनाव में राहत के बीच सोना-चांदी में तेज उछाल
GoldPrice – अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव में आई अस्थायी नरमी का असर सीधे सर्राफा बाजार पर दिखा है। अमेरिका की ओर से ईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई को फिलहाल टालने के फैसले के बाद सोने और चांदी की कीमतों में तेज बढ़त दर्ज की गई है। घरेलू वायदा बाजार में सोना और चांदी दोनों ने मजबूत उछाल लिया, जिससे निवेशकों का रुझान फिर से सुरक्षित विकल्पों की ओर बढ़ता नजर आया।

एमसीएक्स पर कीमतों में तेज बढ़ोतरी
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोने की कीमतों में करीब 2.4 प्रतिशत की बढ़त देखी गई, जिसके बाद भाव 1,53,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गया। वहीं चांदी की कीमतों में और भी अधिक तेजी दर्ज की गई, जो लगभग 6 प्रतिशत उछलकर 2,44,000 रुपये प्रति किलोग्राम के करीब पहुंच गई। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक संकेतों के चलते घरेलू बाजार में यह तेजी देखने को मिली है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का भी मिला समर्थन
वैश्विक बाजार में भी सोने की कीमतों ने मजबूत रुख दिखाया। स्पॉट गोल्ड में करीब 2 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई और यह 4,800 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गया। अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स में भी उल्लेखनीय तेजी रही। इसके साथ ही चांदी, प्लैटिनम और पैलेडियम जैसी अन्य कीमती धातुओं में भी बढ़त देखने को मिली, जो बाजार में सकारात्मक रुझान का संकेत देती है।
विशेषज्ञों ने बताई तेजी की वजह
बाजार विशेषज्ञ इस उछाल को अस्थायी राहत से जुड़ी प्रतिक्रिया मान रहे हैं। उनका कहना है कि निवेशक अनिश्चितता के माहौल में सोने को सुरक्षित निवेश के रूप में देखते हैं। हालांकि, आगे की दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव किस दिशा में जाता है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि सोने के लिए ऊपरी स्तरों पर मजबूत बाधाएं बनी रह सकती हैं।
बातचीत की संभावना से बढ़ी उम्मीद
सूत्रों के मुताबिक, दोनों देशों के बीच कूटनीतिक स्तर पर बातचीत की संभावना बन रही है। यदि यह वार्ता आगे बढ़ती है, तो बाजार में स्थिरता आ सकती है। हालांकि, स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है और किसी भी नए घटनाक्रम का असर सीधे कीमतों पर पड़ सकता है।
ऊर्जा बाजार और महंगाई पर नजर
विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी सोने की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा। यदि ऊर्जा कीमतें बढ़ती हैं, तो महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे निवेशकों का झुकाव सोने की ओर बढ़ेगा। वहीं, ऊंची ब्याज दरें सोने की तेजी को सीमित कर सकती हैं, क्योंकि ऐसे में अन्य निवेश विकल्प आकर्षक हो जाते हैं।
आगे भी रह सकती है अस्थिरता
हालांकि फिलहाल बाजार में सकारात्मक संकेत मिले हैं, लेकिन वैश्विक परिस्थितियां अब भी अनिश्चित बनी हुई हैं। निवेशक आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय घटनाओं और आर्थिक संकेतकों पर नजर बनाए हुए हैं। ऐसे में सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।



