HealthcareJobs – झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर सरकार ने दिया जोर
HealthcareJobs – झारखंड सरकार ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक प्रभावी और सुलभ बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान अस्पतालों में रिक्त पदों को जल्द भरने और ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने पर विशेष बल दिया। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी समेत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि राज्य के दूरस्थ इलाकों में रहने वाले लोगों को भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से स्वास्थ्य तंत्र को मजबूत करने और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के लिए व्यापक योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
रिक्त पदों पर जल्द भर्ती की तैयारी
बैठक में स्वास्थ्य संस्थानों में खाली पड़े पदों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। विभागीय आंकड़ों के अनुसार राज्य में नर्सिंग स्टाफ के स्वीकृत पदों की संख्या 21 हजार से अधिक है, जिनमें हजारों पद अभी भी रिक्त हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को नर्सिंग कर्मियों, विशेषज्ञ चिकित्सकों और अन्य आवश्यक स्वास्थ्यकर्मियों की नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।
सरकार का मानना है कि पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध होने पर अस्पतालों में सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच दोनों में सुधार होगा। इसी के साथ विभिन्न जिलों की आवश्यकताओं के अनुसार स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती पर भी जोर दिया गया।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए अलग रणनीति
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से राज्य के प्रत्येक नागरिक का हेल्थ प्रोफाइल तैयार करने की दिशा में कार्य करने को कहा। उनका मानना है कि इससे लोगों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को बेहतर ढंग से समझा जा सकेगा और योजनाओं का लाभ सही वर्ग तक पहुंचाया जा सकेगा।
बैठक में यह भी कहा गया कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की स्वास्थ्य चुनौतियां अलग-अलग हैं। ऐसे में दोनों क्षेत्रों के लिए अलग कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिए। अधिकारियों को ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति का अध्ययन कर आवश्यक सुधारात्मक कदम सुझाने के निर्देश दिए गए।
गंभीर बीमारियों के लिए विशेष व्यवस्था पर जोर
मुख्यमंत्री ने कैंसर, हृदय रोग, ब्रेन स्ट्रोक, मधुमेह और अन्य गंभीर बीमारियों से जुड़े मरीजों के लिए विशेष चिकित्सा व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि आपातकालीन स्थितियों में मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराना स्वास्थ्य तंत्र की बड़ी जिम्मेदारी है।
पैरालाइसिस और ब्रेन स्ट्रोक जैसे मामलों के इलाज के लिए मेडिकल कॉलेजों और प्रमुख अस्पतालों में बेहतर सुविधाएं विकसित करने के निर्देश भी दिए गए। सरकार चाहती है कि गंभीर मरीजों को राज्य के भीतर ही गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध हो सके।
एंबुलेंस सेवा की निगरानी होगी मजबूत
बैठक के दौरान एंबुलेंस सेवाओं की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने इस व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता जताते हुए आधुनिक निगरानी प्रणाली विकसित करने का सुझाव दिया। उन्होंने एंबुलेंस संचालन की रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए एआई आधारित कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही अस्पतालों से जुड़ी सभी एंबुलेंसों के नियमित संचालन को सुनिश्चित करने और लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही गई। आपातकालीन सेवाओं को और प्रभावी बनाने के लिए नई तकनीकों के अध्ययन का भी निर्देश दिया गया।
मेडिकल कॉलेज और नई स्वास्थ्य योजनाओं पर फोकस
सरकार ने राज्य के विभिन्न जिलों में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों के कार्य में तेजी लाने को कहा है। कोडरमा, बोकारो, चाईबासा, दुमका, जमशेदपुर और हजारीबाग समेत कई स्थानों पर चल रही परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया गया।
बैठक में मुख्यमंत्री अबुआ दवाखाना योजना की भी चर्चा हुई। इस पहल के तहत लोगों को एक ही केंद्र पर विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों से जुड़ी आवश्यक दवाएं नि:शुल्क उपलब्ध कराने की योजना है। यह व्यवस्था आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से संचालित की जाएगी।
अंगदान और रक्त सेवाओं को लेकर निर्देश
मुख्यमंत्री ने किडनी, लीवर और कॉर्निया जैसे अंगदान के प्रति लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने अस्पतालों में अंगदान से जुड़ी व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने और चिकित्सकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा ब्लड बैंक सेवाओं को बेहतर बनाने, अस्पतालों में मरीजों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने और बर्न यूनिट जैसी विशेष सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर भी जोर दिया गया।