KidnappingCase – हजारीबाग में लापता भाई-बहन की हत्या के मामले में हुई गिरफ्तारी
KidnappingCase – झारखंड के हजारीबाग जिले में पिछले दिनों लापता हुए दो मासूम बच्चों की मौत के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस का दावा है कि बच्चों का अपहरण करने के बाद उनकी हत्या की गई थी। इस घटना ने इलाके में गहरी चिंता और दुख का माहौल पैदा कर दिया है।

पुलिस के अनुसार, 27 मई से लापता भाई-बहन के शव अलग-अलग दिनों में बरामद किए गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल का गठन किया गया था, जिसने तकनीकी और स्थानीय साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
सीसीटीवी फुटेज से मिला अहम सुराग
हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक अमन कुमार ने बताया कि जांच के दौरान कई स्थानों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। इसी प्रक्रिया में एक व्यक्ति बच्चों में से बड़ी बच्ची के साथ स्कूटर पर जाते हुए दिखाई दिया। फुटेज के आधार पर संदिग्ध की पहचान संजीत पासवान के रूप में हुई।
पुलिस ने आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी और उसे उस समय हिरासत में लिया जब वह क्षेत्र छोड़ने की कोशिश कर रहा था। पूछताछ के दौरान आरोपी से मिले तथ्यों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की कड़ियां जुड़ती चली गईं।
बच्चों को बहाने से साथ ले जाने का आरोप
जांच अधिकारियों के मुताबिक आरोपी की पहचान बच्चों से पहले से थी। दोनों बच्चे अपने परिवार के साथ बाजार क्षेत्रों में खिलौने और गुब्बारे बेचने का काम करते थे। इसी दौरान उनकी आरोपी से जान-पहचान हुई थी, जो पास के एक प्रतिष्ठान में कार्यरत था।
पुलिस का कहना है कि घटना वाले दिन आरोपी बच्चों को भोजन कराने का झांसा देकर अपने साथ ले गया। इसके बाद वह उन्हें सिंदूर पंचायत भवन के आसपास स्थित क्षेत्र में लेकर पहुंचा। जांच में सामने आया कि इसी दौरान वारदात को अंजाम दिया गया।
अलग-अलग दिनों में मिले दोनों बच्चों के शव
मामले में सबसे पहले 11 वर्षीय बच्ची का शव 31 मई को बरामद किया गया था। इसके बाद लगातार तलाश अभियान चलाया गया और कुछ दिनों बाद उसके तीन वर्षीय भाई का शव भी पुलिस को मिला। दोनों शव मिलने के बाद जांच की दिशा स्पष्ट हुई और पुलिस ने साक्ष्य जुटाने का काम तेज कर दिया।
अधिकारियों के अनुसार, घटनास्थल और आसपास के इलाकों से कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त हुईं, जिन्होंने आरोपी तक पहुंचने में मदद की। पुलिस ने मामले में बरामद वस्तुओं को भी जांच के लिए सुरक्षित किया है।
आरोपी के घर से कुछ सामान बरामद
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर उसके घर से एक स्कूटर और कुछ अन्य सामान जब्त किया है, जिन्हें जांच के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि बरामद वस्तुओं की जांच की जा रही है और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल जारी है।
फिलहाल आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई के लिए प्रस्तुत किया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद अदालत में विस्तृत आरोपपत्र दाखिल किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश से जुड़ा है पीड़ित परिवार
जानकारी के अनुसार बच्चों का परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फैजाबाद क्षेत्र का रहने वाला है। परिवार जीविका चलाने के लिए विभिन्न बाजारों में खिलौने और गुब्बारे बेचने का कार्य करता है। दोनों बच्चे भी अक्सर अपने माता-पिता के साथ इस काम में सहयोग करते थे।
बच्चों के अचानक लापता होने के बाद उनके पिता ने 29 मई को स्थानीय थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने खोजबीन शुरू की, जो बाद में एक गंभीर आपराधिक मामले में बदल गई। पुलिस का कहना है कि मामले की सभी परिस्थितियों की गहन जांच जारी है ताकि पूरी घटना का क्रम स्पष्ट किया जा सके।