EbolaOutbreak – अफ्रीकी देशों में इबोला बढ़ने पर भारत ने बढ़ाई निगरानी
EbolaOutbreak – अफ्रीका के कई देशों में इबोला वायरस संक्रमण के मामलों में तेजी आने के बाद भारत सरकार ने सतर्कता बढ़ा दी है। खासतौर पर कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान में बढ़ते संक्रमण को देखते हुए भारतीय नागरिकों को इन देशों की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह जारी की गई है। स्वास्थ्य एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस संक्रमण को लेकर चिंता जताई जा रही है।

कांगो में तेजी से बढ़ रहे संदिग्ध मामले
इबोला संक्रमण का सबसे ज्यादा असर इस समय कांगो के पूर्वी हिस्सों में देखा जा रहा है। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, यहां बुंडिबुग्यो स्ट्रेन से जुड़े मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश में 900 से अधिक संदिग्ध मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जबकि बड़ी संख्या में मौतों की भी सूचना मिली है। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि दूरदराज इलाकों में मेडिकल सुविधाओं की कमी के कारण स्थिति को नियंत्रित करना चुनौतीपूर्ण हो रहा है।
सीमावर्ती देशों में भी बढ़ी चिंता
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस संक्रमण को लेकर उच्च जोखिम वाली स्थिति की चेतावनी दी है। कांगो से सटी सीमाओं के कारण युगांडा में भी संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है। वहीं दक्षिण सूडान में कमजोर स्वास्थ्य ढांचे की वजह से हालात चिंताजनक बताए जा रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक सीमाई आवाजाही और पर्याप्त स्वास्थ्य जांच की कमी संक्रमण के विस्तार का प्रमुख कारण बन सकती है।
कैसे फैलता है इबोला वायरस
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इबोला वायरस संक्रमित व्यक्ति के शारीरिक द्रवों के संपर्क में आने से फैल सकता है। इसमें खून, उल्टी, पसीना और अन्य शारीरिक पदार्थ शामिल हैं। संक्रमण होने पर मरीज को तेज बुखार, शरीर में दर्द, उल्टी, दस्त और गंभीर मामलों में रक्तस्राव जैसी समस्याएं हो सकती हैं। यह वायरस तेजी से जानलेवा रूप ले सकता है, इसलिए शुरुआती पहचान और अलगाव बेहद जरूरी माना जाता है।
भारत में एयरपोर्ट और बंदरगाहों पर सख्ती
संक्रमण को देखते हुए भारत सरकार ने अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की निगरानी बढ़ा दी है। कांगो, युगांडा, दक्षिण सूडान और आसपास के देशों से आने वाले यात्रियों की प्रमुख हवाई अड्डों और बंदरगाहों पर मेडिकल जांच की जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी यात्री में बुखार, उल्टी, दस्त या अन्य संदिग्ध लक्षण मिलने पर तुरंत उसे अलग रखा जाए और जरूरी जांच कराई जाए।
अस्पतालों को दिए गए विशेष निर्देश
दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु सहित कई बड़े शहरों के सरकारी अस्पतालों को इबोला संक्रमण से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। अस्पतालों में विशेष आइसोलेशन वार्ड और जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों के साथ समन्वय बढ़ाते हुए निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने पर जोर दिया है।
विदेश यात्रा से लौटे लोगों के लिए सलाह
सरकार ने हाल के दिनों में अफ्रीकी देशों से लौटे भारतीय नागरिकों से भी सावधानी बरतने को कहा है। स्वास्थ्य विभाग ने सलाह दी है कि यदि किसी व्यक्ति को यात्रा के बाद अस्वस्थता महसूस होती है, तो वह तुरंत डॉक्टर से संपर्क करे और अपनी ट्रैवल हिस्ट्री की पूरी जानकारी साझा करे। अधिकारियों का मानना है कि समय रहते पहचान होने से संक्रमण के फैलाव को रोका जा सकता है।