GlobalPartnership – भारत और नीदरलैंड ने रणनीतिक सहयोग बढ़ाने पर किया विचार
GlobalPartnership – प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटेन से फोन पर बातचीत कर द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की। इस वार्ता में दोनों देशों के बीच सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन, व्यापार और रक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। बातचीत के दौरान पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति भी चर्चा का हिस्सा रही, जहां दोनों नेताओं ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता की आवश्यकता पर सहमति जताई।

रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत के बाद साझा जानकारी में बताया कि भारत और नीदरलैंड के बीच साझेदारी के कई नए अवसर उभर रहे हैं। खासतौर पर सेमीकंडक्टर निर्माण, जल प्रबंधन से जुड़ी बड़ी परियोजनाएं और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे भविष्य उन्मुख क्षेत्रों में सहयोग को लेकर सकारात्मक चर्चा हुई। इन क्षेत्रों में संयुक्त प्रयास न केवल तकनीकी विकास को गति देंगे, बल्कि दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को भी मजबूती प्रदान करेंगे।
पश्चिम एशिया की स्थिति पर साझा चिंता
वार्ता के दौरान पश्चिम एशिया में चल रहे तनावपूर्ण हालात पर भी विचार-विमर्श किया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि क्षेत्र में जल्द से जल्द शांति स्थापित होना जरूरी है, क्योंकि इसका प्रभाव वैश्विक स्तर पर पड़ता है। दोनों नेताओं ने माना कि मौजूदा परिस्थितियों में स्थिरता बनाए रखना अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्राथमिकता होनी चाहिए।
नीदरलैंड ने संबंधों को बताया मजबूत
नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटेन ने भी इस बातचीत को सकारात्मक बताते हुए कहा कि भारत के साथ उनके देश के संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि हाल ही में यूरोपीय संघ और भारत के बीच हुए व्यापार समझौते ने सहयोग के नए रास्ते खोले हैं। इसके अलावा, रक्षा, नवाचार और जल प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में भी दोनों देश मिलकर काम कर रहे हैं।
भविष्य में सहयोग को और विस्तार देने की योजना
जेटेन ने संकेत दिया कि दोनों देशों के बीच चल रही बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए भविष्य में और बैठकों की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को नीदरलैंड आने का निमंत्रण भी दिया, ताकि इन मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हो सके। इससे स्पष्ट है कि दोनों देश दीर्घकालिक साझेदारी को और गहराई देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
भारत-ईयू समझौते का भी मिला संदर्भ
इस बातचीत में भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते का भी अप्रत्यक्ष रूप से उल्लेख हुआ, जिसने भारत-नीदरलैंड संबंधों को नई दिशा दी है। इस समझौते के बाद व्यापार और निवेश के अवसरों में वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे दोनों अर्थव्यवस्थाओं को लाभ मिल सकता है।