IndiaNepalBorder – नेपाल चुनाव के बीच 72 घंटे सीमा बंद
IndiaNepalBorder – नेपाल में होने वाले प्रतिनिधि सभा चुनाव को देखते हुए उत्तराखंड के सीमावर्ती जिलों पिथौरागढ़ और चंपावत में सुरक्षा व्यवस्था अस्थायी रूप से कड़ी कर दी गई है। प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए भारत-नेपाल सीमा को 72 घंटे के लिए बंद करने का निर्णय लिया है। यह कदम सीमा पार से संभावित अवांछनीय गतिविधियों को रोकने और दोनों देशों में शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।

सीमा पर अलर्ट और अतिरिक्त तैनाती
पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी आशीष भटगाई ने बताया कि दो मार्च से पांच मार्च तक सीमा क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरती जाएगी। सशस्त्र सीमा बल, राज्य पुलिस और खुफिया इकाइयों को अतिरिक्त निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। सीमा से सटे गांवों में भी प्रशासनिक टीमें सक्रिय हैं, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
अधिकारियों के अनुसार, इस अवधि में सीमा पर स्थित सभी सात प्रमुख पुलों को अस्थायी रूप से बंद रखा जाएगा। इसके साथ ही नदी किनारों, जंगलों और अन्य वैकल्पिक मार्गों पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी प्रकार की अवैध आवाजाही न हो सके।
नेपाल के अनुरोध पर निर्णय
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक यह फैसला नेपाल के दार्चुला और बैताड़ी जिलों के अधिकारियों के अनुरोध पर लिया गया है। वहां पांच मार्च को प्रतिनिधि सभा के लिए मतदान होना है। चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए नेपाल सरकार ने सीमावर्ती क्षेत्रों में अतिरिक्त सावधानी बरतने का आग्रह किया था।
भारतीय प्रशासन ने इसे आपसी सहयोग और सुरक्षा समन्वय का हिस्सा बताते हुए सीमा प्रबंधन को प्राथमिकता दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह अस्थायी कदम है और चुनाव प्रक्रिया संपन्न होने के बाद स्थिति की समीक्षा की जाएगी।
चंपावत में भी सख्त निगरानी
चंपावत जिले में भी इसी तरह के निर्देश जारी किए गए हैं। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि नेपाल के ददेलधुरा क्षेत्र से सहयोग का अनुरोध प्राप्त हुआ था। इसके बाद सभी उपजिलाधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों को सीमा पर गश्त बढ़ाने और हर गतिविधि पर नजर रखने के आदेश दिए गए।
सीमा चौकियों पर पहचान सत्यापन की प्रक्रिया सख्त की गई है। स्थानीय प्रशासन ग्रामीणों के साथ संवाद बनाए हुए है, ताकि किसी भी अफवाह या भ्रम की स्थिति से बचा जा सके।
स्थानीय जीवन पर असर
सीमा बंद होने से दैनिक आवागमन और छोटे व्यापार पर अस्थायी असर पड़ सकता है, लेकिन प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। आपात स्थितियों के लिए आवश्यक प्रावधान बनाए गए हैं, ताकि जरूरी सेवाएं बाधित न हों।
अधिकारियों ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि यह कदम केवल एहतियात के तौर पर उठाया गया है। फिलहाल दोनों जिलों में शांति व्यवस्था सामान्य है और सुरक्षा एजेंसियां सतर्कता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं।