MaritimeSafety – होर्मुज स्ट्रेट में फंसे भारतीय जहाजों को लाने की तैयारी तेज
MaritimeSafety – मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने होर्मुज स्ट्रेट में मौजूद अपने जहाजों और नाविकों की सुरक्षा को लेकर सक्रिय कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय तथा विदेश मंत्रालय मिलकर उन भारतीय जहाजों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने में जुटे हैं, जो इस संवेदनशील समुद्री मार्ग में फिलहाल रुके हुए हैं। सोमवार को हुई संयुक्त प्रेस ब्रीफिंग में अधिकारियों ने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जैसे ही हालात अनुकूल होंगे, जहाजों को वापस लाने की प्रक्रिया तेज कर दी जाएगी।

15 भारतीय जहाज अब भी संवेदनशील क्षेत्र में मौजूद
अधिकारियों के अनुसार, इस समय होर्मुज स्ट्रेट के आसपास कुल 15 भारतीय ध्वज वाले और भारतीय स्वामित्व वाले जहाज मौजूद हैं। यह इलाका वैश्विक तेल आपूर्ति के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है और हालिया तनाव के कारण यहां आवाजाही प्रभावित हुई है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इन जहाजों की सुरक्षित निकासी के लिए हर संभव समन्वय किया जा रहा है और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के अनुसार कदम उठाए जा रहे हैं।
‘जग विक्रम’ टैंकर के कांडला पहुंचने की संभावना
इस बीच एक सकारात्मक खबर यह है कि भारतीय एलपीजी टैंकर ‘जग विक्रम’ सुरक्षित रूप से अपनी यात्रा पूरी करने के करीब है। यह जहाज करीब 20,400 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर 14 अप्रैल को गुजरात के कांडला बंदरगाह पहुंच सकता है। जहाज में 24 भारतीय नाविक सवार हैं और इसने 11 अप्रैल को होर्मुज स्ट्रेट को पार किया था। अधिकारियों ने बताया कि हाल ही में घोषित अस्थायी युद्धविराम के बाद यह इस मार्ग से गुजरने वाला पहला भारतीय जहाज है।
नाविकों की सुरक्षा को लेकर सरकार का भरोसा
सरकार ने भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर भरोसा जताया है। अधिकारियों के मुताबिक, पिछले 24 घंटों के दौरान किसी भी भारतीय जहाज से जुड़ी कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई है। मंत्रालय ने जानकारी दी कि अब तक 2177 से अधिक भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है, जिनमें हाल के 24 घंटों में 93 नाविक शामिल हैं। यह आंकड़ा सरकार की सक्रियता और निगरानी को दर्शाता है।
अंतरराष्ट्रीय समन्वय से स्थिति पर काबू की कोशिश
मंत्रालय ने कहा कि विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावासों और समुद्री क्षेत्र से जुड़े अन्य संगठनों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा गया है। इस समन्वय का उद्देश्य न केवल जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है, बल्कि किसी भी संभावित जोखिम से समय रहते निपटना भी है। अधिकारियों का कहना है कि बदलते हालात के बीच सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है।
देश के बंदरगाहों पर सामान्य बना हुआ संचालन
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि देश के सभी प्रमुख बंदरगाहों पर कामकाज सामान्य रूप से चल रहा है। कहीं भी भीड़भाड़ या संचालन में रुकावट की कोई सूचना नहीं मिली है। मंत्रालय के अनुसार, पूरे मामले पर करीबी नजर रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां पूरी हैं। नाविकों और जहाजों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सरकार स्थिति को नियंत्रित रखने की कोशिश कर रही है।