PoliticalViolence – मथुरापुर में टीएमसी सांसद के दफ्तर पर हुआ हंगामा, बढ़ा तनाव
PoliticalViolence – पश्चिम बंगाल में राजनीतिक तनाव के बीच रविवार को दक्षिण 24 परगना जिले के मथुरापुर क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद बापी हलदर के कार्यालय के बाहर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। स्थानीय लोगों की एक भीड़ ने सांसद के दफ्तर का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया, जिसके दौरान कार्यालय परिसर में तोड़फोड़ की घटना भी सामने आई। हालात बिगड़ने के बाद पुलिस को मौके पर पहुंचकर स्थिति नियंत्रित करनी पड़ी।

राहत सामग्री को लेकर उठे सवाल
प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप था कि बाढ़ प्रभावित परिवारों और जरूरतमंदों के लिए आई राहत सामग्री को सांसद कार्यालय में रखा गया है। उनका दावा था कि यह सामग्री आम लोगों तक पहुंचाने के बजाय वहां संग्रहित की गई थी। इसी आरोप को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण कार्यालय के बाहर जमा हो गए और विरोध जताने लगे।
अवैध निर्माण का भी लगाया आरोप
प्रदर्शनकारियों ने यह आरोप भी लगाया कि सांसद का कार्यालय जिस स्थान पर बना है, वहां पहले एक तालाब था और उस जमीन पर कथित रूप से अवैध कब्जा कर निर्माण कराया गया। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। स्थानीय स्तर पर इस मुद्दे को लेकर काफी समय से चर्चा होने की बात भी सामने आई है।
सांसद ने आरोपों को बताया निराधार
घटना के बाद टीएमसी सांसद बापी हलदर ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया। उनका कहना है कि कार्यालय में रखी गई सामग्री किसी सरकारी योजना का हिस्सा नहीं थी, बल्कि इसे निजी संसाधनों से खरीदा गया था। उन्होंने कहा कि संभावित बाढ़ जैसी आपात स्थितियों में स्थानीय लोगों की सहायता के उद्देश्य से यह सामग्री रखी गई थी। साथ ही उन्होंने पूरे घटनाक्रम के पीछे राजनीतिक साजिश होने का आरोप लगाया।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
स्थिति तनावपूर्ण होने के बाद पुलिस बल मौके पर पहुंचा और भीड़ को वहां से हटाया। अधिकारियों ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं। घटना के बाद इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था भी की गई ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति दोबारा न बने।
हाल के दिनों में बढ़ी राजनीतिक टकराव की घटनाएं
राज्य में पिछले कुछ दिनों के दौरान टीएमसी नेताओं से जुड़ी कई विवादित घटनाएं सामने आई हैं। हाल ही में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के साथ भी एक विरोध प्रदर्शन के दौरान तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई थी। दक्षिण 24 परगना के सोनारपुर इलाके में उनके कार्यक्रम के दौरान कुछ लोगों ने विरोध जताते हुए अंडे, जूते और अन्य वस्तुएं फेंकी थीं। घटना के बाद अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया था कि उन्हें निशाना बनाने की कोशिश की गई।
कल्याण बनर्जी ने भी लगाया हमले का आरोप
इसी क्रम में टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने भी दावा किया कि हुगली जिले में एक पुलिस थाने के बाहर विरोध प्रदर्शन के दौरान उनके साथ धक्का-मुक्की हुई और उन्हें सिर में चोट आई। उनके अनुसार, वे पार्टी कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के खिलाफ ज्ञापन देने पहुंचे थे, तभी यह घटना हुई। मामले को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
राजनीतिक माहौल पर बढ़ी चर्चा
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने पश्चिम बंगाल की राजनीतिक स्थिति को लेकर नई बहस छेड़ दी है। सत्तारूढ़ टीएमसी और भाजपा के बीच आरोपों का सिलसिला जारी है। इस बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी विपक्ष पर लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने का आरोप लगाया है। राजनीतिक दलों के बीच बढ़ते टकराव के कारण राज्य की सियासत एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है।