राष्ट्रीय

AirIndiaCrash – सुप्रीम कोर्ट में जांच पर सामने आया केंद्र का बड़ा अपडेट

AirIndiaCrash – सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को केंद्र सरकार ने बताया कि एयर इंडिया के विमान हादसे की जांच अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। अदालत को अवगत कराया गया कि एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन बोर्ड द्वारा की जा रही पड़ताल लगभग पूरी हो चुकी है और कुछ औपचारिक प्रक्रियाएं विदेश में पूरी की जानी बाकी हैं। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने यह जानकारी दर्ज करते हुए केंद्र से अब तक अपनाए गए प्रक्रिया संबंधी कदमों का संक्षिप्त विवरण पेश करने को कहा है।

supreme court air india crash update

अदालत ने मांगी प्रक्रिया पर रिपोर्ट

सुनवाई के दौरान केंद्र और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि 12 जून 2025 को हुए हादसे की जांच निष्कर्ष की ओर बढ़ रही है। उन्होंने यह भी बताया कि जांच के कुछ तकनीकी पहलुओं के लिए विदेशी एजेंसियों से सहयोग लिया जा रहा है। मेहता ने अदालत से अनुरोध किया कि इस मामले से जुड़ी याचिकाओं पर तीन सप्ताह बाद सुनवाई रखी जाए।

इस पर पीठ ने निर्देश दिया कि जांच रिपोर्ट अदालत के समक्ष सीलबंद लिफाफे में प्रस्तुत की जाए। अदालत ने स्पष्ट किया कि एएआईबी का दायित्व दुर्घटना के कारणों का पता लगाना है, न कि किसी संभावित मंशा का निर्धारण करना।

मीडिया रिपोर्टों पर संयम की सलाह

सुनवाई के दौरान एक गैर सरकारी संगठन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने अन्य विमानों से जुड़ी घटनाओं का उल्लेख करते हुए सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। इस पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि अपुष्ट मीडिया रिपोर्टों के आधार पर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है। उन्होंने टिप्पणी की कि विमानन जैसे संवेदनशील क्षेत्र में सार्वजनिक बयान देते समय सावधानी बरतना आवश्यक है।

मुख्य न्यायाधीश ने यह भी कहा कि हाल में एक अन्य उड़ान में तकनीकी समस्या की खबर सामने आई थी, जिसे बाद में एयरलाइन ने खारिज किया। ऐसे मामलों में पुष्टि से पहले टिप्पणी करना उचित नहीं है।

विमान सुरक्षा पर उठे सवाल

भूषण ने अदालत में कहा कि हजारों पायलटों ने बोइंग 787 की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। इस पर सॉलिसिटर जनरल ने जवाब देते हुए कहा कि जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं और तथ्यों के आधार पर ही निष्कर्ष सामने आएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार की समिति गठन की मांग पर निर्णय तथ्यों और नियमों के अनुरूप ही लिया जाएगा।

हादसे में 260 लोगों की मौत

अहमदाबाद से लंदन जा रहा यह विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। विमान में कुल 261 लोग सवार थे, जिनमें चालक दल के सदस्य भी शामिल थे। इस दुर्घटना में 260 लोगों की मृत्यु हो गई थी, जबकि एक यात्री जीवित बचा। मृतकों में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी शामिल थे।

हादसे के बाद कई परिजनों ने विमान सुरक्षा और जांच प्रक्रिया को लेकर याचिकाएं दायर की हैं। पायलट सुमित सभरवाल के पिता सहित अन्य लोगों ने विस्तृत और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

आगे की सुनवाई पर नजर

अदालत ने केंद्र से अब तक की गई प्रक्रिया का विवरण प्रस्तुत करने को कहा है और मामले की अगली सुनवाई बाद की तारीख पर तय की जाएगी। फिलहाल जांच रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे हादसे के वास्तविक कारणों पर स्पष्टता आ सकेगी।

विमानन सुरक्षा से जुड़े इस मामले पर देशभर की नजरें टिकी हैं और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चल रही प्रक्रिया को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Related Articles

Back to top button

Adblock Detected

Please remove AdBlocker first, and then watch everything easily.