CrimeCase – कोलकाता में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप पर जांच तेज
CrimeCase – पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में एक नाबालिग लड़की के साथ कथित यौन उत्पीड़न का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पीड़िता की मां की शिकायत पर सरसुना थाने में मामला दर्ज किया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि लड़की को कार में लिफ्ट देने के बहाने नशीला पदार्थ खिलाया गया और उसके बाद उसके साथ दुष्कर्म किया गया। मामले में वीडियो बनाकर धमकाने का आरोप भी लगाया गया है।

अप्रैल महीने की बताई जा रही घटना
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह घटना अप्रैल महीने में दक्षिण कोलकाता के बेहाला इलाके के पास हुई थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि नाबालिग लड़की एक वाहन में सवार हुई थी, जिसमें उसका एक परिचित भी मौजूद था। यात्रा के दौरान उसे खाने की कोई चीज दी गई, जिसके बाद वह बेहोश हो गई। पीड़िता ने बाद में बताया कि होश आने पर उसे एहसास हुआ कि उसके साथ गलत काम हुआ है।
वीडियो बनाकर धमकाने का आरोप
शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपियों ने कथित तौर पर घटना का वीडियो रिकॉर्ड किया। बाद में उसी वीडियो का इस्तेमाल लड़की को डराने और चुप रहने के लिए किया गया। पुलिस इस दावे की भी जांच कर रही है और डिजिटल साक्ष्यों को जुटाने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी तकनीकी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जाएगी।
पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। जांच एजेंसियां आरोपियों की पहचान सुनिश्चित करने के साथ-साथ उस वाहन का भी पता लगाने में जुटी हैं, जिसका कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया था। अधिकारियों के अनुसार, घटना की सही जगह और समय की पुष्टि के लिए आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।
सदमे में थी पीड़िता, देर से हुई शिकायत
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि परिवार ने कुछ समय बाद शिकायत दर्ज कराई क्योंकि घटना के बाद लड़की मानसिक रूप से काफी परेशान थी। शुरुआती पूछताछ और बयान दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। जांच टीम अब मामले से जुड़े अन्य संभावित लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
एक अन्य लड़की की भूमिका की भी जांच
अधिकारियों के अनुसार, शिकायत में एक अन्य लड़की का भी उल्लेख किया गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले और बाद में उसकी क्या भूमिका रही। फिलहाल किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पक्षों से पूछताछ और सबूतों की जांच की जा रही है।
सुरक्षा और कानूनी प्रक्रिया पर जोर
इस मामले के सामने आने के बाद बाल सुरक्षा और महिला सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। पुलिस ने कहा है कि जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ाई जा रही है और पीड़िता की पहचान को पूरी तरह गोपनीय रखा गया है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर अपुष्ट जानकारी साझा करने से बचें ताकि जांच प्रभावित न हो।