CrimeInvestigation – बारुईपुर हिंसा मामले में माकपा नेता गिरफ्तार, तेज हुई जांच
CrimeInvestigation – पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में किशोरी की हत्या के बाद भड़की हिंसा के मामले में पुलिस ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता लहेक अली को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार, पांच जुलाई को सूर्यपुर इलाके में हुई हिंसक घटनाओं की जांच के दौरान यह कार्रवाई की गई। इस मामले में अब तक हिंसा भड़काने के आरोप में यह पहली गिरफ्तारी मानी जा रही है।

किशोरी की मौत के बाद शुरू हुआ था विरोध
पुलिस के मुताबिक, चार जुलाई को एक किशोरी लापता हो गई थी, जिसके बाद अगले दिन उसका शव सूर्यपुर हाट क्षेत्र के एक तालाब से बरामद हुआ। घटना की जानकारी सामने आते ही स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया और इलाके में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। प्रदर्शन के दौरान स्थिति बिगड़ने पर भीड़ ने अपराध में संलिप्त होने के संदेह में एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी। इसके अलावा कई स्थानों पर सड़क जाम, पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ।
हिंसा भड़काने का आरोप
जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि एकत्र किए गए प्रारंभिक साक्ष्यों के आधार पर लहेक अली की कथित भूमिका की जांच की गई, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। पुलिस का दावा है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़काने में उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। लहेक अली इसी वर्ष बारुईपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से माकपा के उम्मीदवार भी रह चुके हैं। मामले में अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच जारी है।
मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों से की मुलाकात
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ने शनिवार को बारुईपुर पहुंचकर मृत किशोरी के परिजनों और मॉब लिंचिंग में जान गंवाने वाले युवक इंद्रजीत मंडल के परिवार से मुलाकात की। उन्होंने दोनों परिवारों को सरकारी सहायता का भरोसा देते हुए कहा कि दोनों मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा और जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ेगी।
जांच में वीडियो और अन्य साक्ष्यों पर जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि घटना से जुड़े वीडियो फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कई संदिग्धों की पहचान की गई है। उनके अनुसार, पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर कई लोगों को हिरासत में लिया है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि हिंसा के दौरान किसने किस भूमिका में भाग लिया और किन परिस्थितियों में स्थिति नियंत्रण से बाहर हुई।
सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की पहल
घटना के बाद स्थानीय लोगों की मांग को देखते हुए सूर्यपुर में नई पुलिस चौकी स्थापित की गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पीड़ित परिवार ने क्षेत्र में स्थायी पुलिस व्यवस्था की मांग रखी थी, जिसके बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चौकी शुरू कर दी। सरकार का कहना है कि इससे इलाके में कानून-व्यवस्था मजबूत होगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम में मदद मिलेगी।
सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा
राज्य सरकार के अनुसार, किशोरी की हत्या के मामले में शिकायत में जिन चार लोगों के नाम दर्ज थे, उन्हें गिरफ्तार किया जा चुका है। अधिकारियों ने बताया कि कुछ आरोपी घटना के बाद राज्य के सीमावर्ती इलाकों की ओर चले गए थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें तलाश कर हिरासत में ले लिया। फिलहाल हत्या और हिंसा, दोनों मामलों की जांच अलग-अलग पहलुओं से जारी है और पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है।