EknathShinde – विधानसभा में मंदिर चढ़ावे के मुद्दे पर विपक्ष से छिड़ी तीखी बहस
EknathShinde- महाराष्ट्र विधानसभा के मॉनसून सत्र के अंतिम दिन मंदिरों में चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक नोकझोंक देखने को मिली। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विधान परिषद में बोलते हुए अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं का जिक्र किया और साथ ही पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर से जुड़े पुराने विवाद का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी स्वीकार नहीं की जा सकती।

सिद्धिविनायक मंदिर का किया उल्लेख
सदन में अपने संबोधन के दौरान शिंदे ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जो नेता आज अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े आरोपों पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें सिद्धिविनायक मंदिर से जुड़े पुराने मामलों पर भी जवाब देना चाहिए। उन्होंने यह भी पूछा कि उस समय की सरकार ने कथित अनियमितताओं की जांच के आदेश क्यों नहीं दिए। हालांकि अपने बयान में उन्होंने किसी नेता का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया।
राम मंदिर मामले में सख्त कार्रवाई की बात
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं की खबरों से श्रद्धालुओं की भावनाएं प्रभावित हुई हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी भी व्यक्ति की जिम्मेदारी तय होती है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दोहराया कि धार्मिक स्थलों पर मिलने वाले दान के प्रबंधन में पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही होनी चाहिए।
जांच प्रक्रिया पर बनी हुई है नजर
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े विवाद की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया जा चुका है और मामले की जांच जारी है। अधिकारियों की ओर से अभी तक अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। ऐसे में सरकार का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आदेश बांदेकर ने भी दी प्रतिक्रिया
विधान परिषद में हुई चर्चा के बाद अभिनेता और श्री सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष आदेश बांदेकर ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर उनके खिलाफ कोई गड़बड़ी साबित होती है, तो उनके विरुद्ध सबसे कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। बांदेकर ने यह भी कहा कि जांच निष्पक्ष होनी चाहिए ताकि सभी तथ्यों की स्पष्ट जानकारी सामने आ सके।
हिंदुत्व और राजनीतिक आरोपों पर भी टिप्पणी
अपने भाषण के दौरान एकनाथ शिंदे ने हिंदुत्व की राजनीति का भी उल्लेख किया और विपक्ष पर वैचारिक रुख बदलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हिंदुत्व केवल राजनीतिक नारा नहीं बल्कि एक विचारधारा है, जिसे परिस्थितियों के अनुसार बदला नहीं जा सकता। सदन में उनके इस बयान के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। फिलहाल मंदिरों से जुड़े दोनों मामलों को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं, जबकि संबंधित जांच एजेंसियां अपने स्तर पर कार्रवाई कर रही हैं।