ElectionFund – टीएमसी खातों की जांच में ईडी का दावा, फ्रीज किए गए करोड़ों रुपये
ElectionFund- प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) से जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच में बड़ा कदम उठाते हुए पार्टी के तीन बैंक खातों में मौजूद 440.42 करोड़ रुपये फ्रीज करने की कार्रवाई की है। जांच एजेंसी का दावा है कि पार्टी के खातों से एक चार्टर विमान सेवा कंपनी को बड़ी रकम हस्तांतरित की गई, जिसके बाद उसी कंपनी से विमान और हेलीकॉप्टर किराये पर लिए गए। एजेंसी इस पूरे मामले में धन के उपयोग और लेनदेन की प्रकृति की जांच कर रही है। वहीं, तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कार्रवाई को राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित और कानून के विरुद्ध बताया है।

कई स्थानों पर की गई तलाशी
जांच के सिलसिले में ईडी ने कोलकाता और आसपास के पांच अलग-अलग ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। इनमें संबंधित चार्टर विमान कंपनी का कार्यालय, उसके संचालक का आवास, न्यू टाउन स्थित एक परिसर, एक ट्रस्ट का कार्यालय तथा एक चार्टर्ड अकाउंटेंट का दफ्तर शामिल था। एजेंसी के अनुसार, तलाशी के दौरान कई दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण अपने कब्जे में लिए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
विमान खरीद से जुड़े लेनदेन पर जांच
ईडी का आरोप है कि वर्ष 2023 से 2026 के बीच पार्टी के खातों से चार्टर विमान सेवा उपलब्ध कराने वाली कंपनी केयरवेल एविएशन को करोड़ों रुपये भेजे गए। एजेंसी का कहना है कि इन पैसों का इस्तेमाल विमान और हेलीकॉप्टर खरीदने में किया गया। जांच अधिकारियों के अनुसार, बाद में इन्हीं संसाधनों का उपयोग पार्टी से जुड़े वीवीआईपी नेताओं की यात्रा के लिए किया गया और इसके बदले अलग से भुगतान भी किया गया। इन दावों की जांच अभी जारी है।
शुरुआती जांच में सामने आए आंकड़े
प्रवर्तन निदेशालय के मुताबिक, अप्रैल 2023 से जून 2026 के बीच लगभग 160 करोड़ रुपये संबंधित कंपनी को स्थानांतरित किए गए। एजेंसी का दावा है कि इनमें से करीब 82.96 करोड़ रुपये आगे एक अन्य कंपनी के खाते में भेजे गए। जांच में यह भी कहा गया है कि लगभग 112 करोड़ रुपये की राशि से एक एम्ब्रेयर लेगेसी 600 जेट और एक अगस्ता वेस्टलैंड 109SP हेलीकॉप्टर खरीदा गया। एजेंसी विदेशी वित्तपोषण से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है।
शिकायत के बाद जांच ने पकड़ी रफ्तार
इस मामले की शुरुआत एक शिकायत से हुई थी। दक्षिण 24 परगना के एक टीएमसी विधायक ने बिधाननगर साइबर थाने में शिकायत दर्ज कर आशंका जताई थी कि कथित साइबर धोखाधड़ी से जुड़ी रकम कुछ बैंक खातों में पहुंची हो सकती है, जिनमें पार्टी के खाते भी शामिल हैं। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर बैंक को खातों से निकासी पर रोक लगाने का निर्देश दिया था।
आंतरिक घटनाक्रम के बाद ईडी की एंट्री
जांच के दौरान पार्टी के पूर्व कोषाध्यक्ष अरूप विश्वास ने भी कथित आंतरिक मतभेदों का हवाला देते हुए बैंक खातों को फ्रीज करने का अनुरोध किया था। स्थानीय स्तर पर संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की जानकारी सामने आने के बाद मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका के आधार पर ईडी ने जांच अपने हाथ में ले ली। एजेंसी फिलहाल 150 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध लेनदेन की जांच कर रही है। दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि उसने किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता नहीं की है और वह कानूनी प्रक्रिया के तहत अपना पक्ष रखेगी।