ElectionRow – ममता बनर्जी ने केंद्रीय एजेंसियों और आयोग पर उठाए सवाल
ElectionRow – पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इस्लामपुर में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में कोलकाता एयरपोर्ट जाते समय उनके काफिले को केंद्रीय बलों ने रोककर जांच करने की कोशिश की। इस घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें जांच से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन नियम सभी पर समान रूप से लागू होने चाहिए।

वाहन जांच को लेकर उठाए सवाल
ममता बनर्जी ने अपने संबोधन में कहा कि एयरपोर्ट के पास केंद्रीय सुरक्षा बल उनके वाहन के करीब पहुंचे और तलाशी लेने की बात कही। उन्होंने बताया कि उन्होंने अधिकारियों से साफ कहा कि वे जांच कर सकते हैं, लेकिन सवाल यह है कि क्या ऐसी कार्रवाई केवल विपक्षी नेताओं के लिए ही होती है।
उन्होंने केंद्र के शीर्ष नेताओं का जिक्र करते हुए पूछा कि क्या उनके वाहनों की भी इसी तरह जांच होती है। उनका कहना था कि अगर नियम हैं, तो उनका पालन सभी के लिए एक समान होना चाहिए, न कि चुनिंदा लोगों के लिए।
केंद्रीय मंत्रियों पर लगाए गंभीर आरोप
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि दिल्ली से आने वाले कुछ केंद्रीय मंत्री सुरक्षा एजेंसियों के वाहनों का इस्तेमाल कर राज्य में नकदी लेकर पहुंच रहे हैं। हालांकि, उन्होंने अपने दावे के समर्थन में कोई ठोस प्रमाण सार्वजनिक रूप से पेश नहीं किया।
उन्होंने चुनाव आयोग से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की और कहा कि निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए ऐसे मामलों की जांच जरूरी है।
चुनाव आयोग और राज्यपाल पर भी टिप्पणी
यह बयान उस समय सामने आया जब तृणमूल कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर पार्टी के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी और उनके परिवार से जुड़े वाहनों की कथित रूप से चयनित जांच की शिकायत की थी।
ममता बनर्जी ने राज्यपाल पर भी अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधा। उन्होंने हाल ही में दिए गए बयान का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य की आर्थिक स्थिति पर टिप्पणी करने के बजाय जनता के योगदान की सराहना की जानी चाहिए।
प्रशासन की ओर से सफाई
दूसरी ओर, राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें इस तरह की किसी विशेष घटना की जानकारी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि VVIP वाहनों की जांच के लिए एक निर्धारित प्रक्रिया होती है, जिसमें संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को सूचित किया जाता है।
उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल केवल स्थानीय प्रशासन की सहायता करते हैं और वे स्वतंत्र रूप से किसी भी विशेष व्यक्ति के वाहन को रोकने या जांच करने का निर्णय नहीं लेते।
त्योहार के मौके पर भी जारी रही सियासत
बंगाली नववर्ष के अवसर पर जहां एक ओर राष्ट्रीय स्तर के नेताओं ने शुभकामनाएं दीं, वहीं ममता बनर्जी ने अपने संदेश के जरिए राजनीतिक आरोपों को दोहराया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है और मतदाता सूची से नाम हटाने जैसे मुद्दों पर भी चिंता जताई।
मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे अपने मताधिकार का इस्तेमाल सोच-समझकर करें और किसी भी तरह के दबाव में आए बिना मतदान करें।
इस पूरे घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में चुनावी गर्मी को और बढ़ा दिया है, जहां आरोप-प्रत्यारोप के बीच निष्पक्ष चुनाव की चर्चा एक अहम मुद्दा बनी हुई है।



