राष्ट्रीय

LPGSupply – रसोई गैस को लेकर अफवाह फैलाने वालों पर पीएम मोदी की चेतावनी

LPGSupply – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में रसोई गैस को लेकर फैल रही आशंकाओं और अफवाहों पर चिंता जताते हुए कहा है कि कुछ लोग जानबूझकर दहशत का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। गुरुवार को आयोजित एनएक्सटी समिट में संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि ऐसी कोशिशें न केवल जनता को भ्रमित करती हैं बल्कि देश के हितों को भी नुकसान पहुंचाती हैं। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार ऊर्जा आपूर्ति को लेकर पूरी तरह सतर्क है और किसी भी तरह की घबराहट फैलाने की जरूरत नहीं है।

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उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद भारत अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए लगातार कदम उठा रहा है। सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि आम लोगों को रसोई गैस और अन्य आवश्यक ईंधन की उपलब्धता में किसी प्रकार की बाधा न आए।

अफवाहों से बचने की अपील

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि कुछ लोग जानबूझकर एलपीजी को लेकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना था कि ऐसे प्रयासों के पीछे निजी या राजनीतिक उद्देश्य हो सकते हैं, लेकिन इससे आम जनता में अनावश्यक चिंता पैदा होती है। उन्होंने कहा कि बिना किसी राजनीतिक टिप्पणी के इतना जरूर कहा जा सकता है कि इस तरह की गतिविधियां करने वाले लोग खुद ही जनता के सामने उजागर हो जाते हैं।

प्रधानमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे अपुष्ट जानकारी पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों से मिलने वाली जानकारी को ही सही मानें। उन्होंने यह भी कहा कि देश के नागरिकों को कठिन समय में संयम और जिम्मेदारी का परिचय देना चाहिए।

कालाबाजारी करने वालों को सख्त चेतावनी

अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने यह भी संकेत दिया कि मौजूदा वैश्विक हालात का फायदा उठाकर कुछ लोग जरूरी वस्तुओं की जमाखोरी और कालाबाजारी करने की कोशिश कर सकते हैं। उन्होंने ऐसे तत्वों को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार इस तरह की गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेगी।

प्रधानमंत्री के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति या समूह कृत्रिम कमी पैदा कर लाभ कमाने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने प्रशासनिक एजेंसियों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं ताकि बाजार में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता प्रभावित न हो।

पश्चिम एशिया संकट का वैश्विक असर

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस क्षेत्र में बढ़ते तनाव का प्रभाव केवल कुछ देशों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका असर वैश्विक स्तर पर महसूस किया जाता है। ऊर्जा आपूर्ति, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है।

उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में हर देश को अपने संसाधनों और आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित रखने के लिए सावधानी बरतनी पड़ती है। भारत भी इसी दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है ताकि ऊर्जा की उपलब्धता में किसी प्रकार की बाधा न आए।

संकट के समय सामूहिक जिम्मेदारी

प्रधानमंत्री ने कहा कि जब वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता का माहौल होता है, तब केवल सरकार ही नहीं बल्कि समाज के हर वर्ग की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने राजनीतिक दलों, मीडिया, युवाओं और आम नागरिकों से अपील की कि वे जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करें और अनावश्यक तनाव पैदा करने वाली सूचनाओं से बचें।

उनका कहना था कि देश की स्थिरता और विकास के लिए यह जरूरी है कि सभी मिलकर सकारात्मक वातावरण बनाए रखें। उन्होंने कहा कि भारत ने कई वैश्विक चुनौतियों के बावजूद अपनी प्रगति की गति को बनाए रखा है और आगे भी यही प्रयास जारी रहेगा।

भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की भूमिका लगातार मजबूत होती जा रही है। कई वैश्विक नेता और विशेषज्ञ भारत को भविष्य की आर्थिक और रणनीतिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण भागीदार के रूप में देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह विश्वास भारत के लिए अवसर के साथ-साथ जिम्मेदारी भी लेकर आता है।

प्रधानमंत्री के अनुसार देश का लक्ष्य स्पष्ट है और वह है विकसित भारत का निर्माण। उन्होंने कहा कि भारत केवल आर्थिक रूप से आगे नहीं बढ़ रहा बल्कि वैश्विक मंच पर भी अपनी उपस्थिति मजबूत कर रहा है। कठिन वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद भारत की प्रगति निरंतर जारी है और यही विश्वास दुनिया को भारत की ओर आकर्षित कर रहा है।

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