HaryanaRevenue – ऑनलाइन मिलेंगी प्रमाणित भूमि दस्तावेज, डिजिटल हुईं राजस्व सेवाएं
HaryanaRevenue- हरियाणा सरकार ने भूमि संबंधी सेवाओं को अधिक सरल और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक नई डिजिटल सुविधा शुरू की है। अब प्रदेश के नागरिकों को जमाबंदी, इंतकाल (Mutation), फर्द बदर और पंजीकृत बिक्री विलेख (Registered Sale Deed) की प्रमाणित प्रतियां प्राप्त करने के लिए तहसील या राजस्व कार्यालयों के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। नई व्यवस्था के तहत ये सभी दस्तावेज ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के बाद डिजिटल रूप में उपलब्ध कराए जाएंगे।

Revenue Haryana Portal पर शुरू हुई नई सुविधा
उपायुक्त डॉ. जयेंद्र सिंह छिल्लर ने जानकारी दी कि राजस्व विभाग ने Revenue Haryana Portal पर एक नया ऑनलाइन मॉड्यूल शुरू किया है। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से नागरिक घर बैठे प्रमाणित भूमि अभिलेखों के लिए आवेदन कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि नई प्रणाली को सुचारु रूप से लागू करने के लिए अधिकारियों के लिए Standard Operating Procedure (SOP) तैयार की गई है, जबकि आम नागरिकों की सुविधा के लिए विस्तृत User Manual भी उपलब्ध कराया गया है।
आसान होगी आवेदन प्रक्रिया
नई व्यवस्था के तहत आवेदक अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त OTP की मदद से पोर्टल पर लॉगिन करेंगे। इसके बाद जिला, तहसील और संबंधित गांव का चयन कर आवश्यक दस्तावेज के लिए ऑनलाइन आवेदन जमा किया जा सकेगा। आवेदन दर्ज होने के साथ ही प्रत्येक आवेदक को एक Unique Tracking ID मिलेगी, जिससे वह किसी भी समय अपने आवेदन की स्थिति ऑनलाइन देख सकेगा।
ऑनलाइन सत्यापन के बाद मिलेगा दस्तावेज
आवेदन जमा होने के बाद संबंधित पटवारी या राजस्व अधिकारी उसके दस्तावेजों का डिजिटल सत्यापन करेंगे। सत्यापन पूरा होने और निर्धारित शुल्क के ऑनलाइन भुगतान के बाद प्रमाणित दस्तावेज आवेदक के पोर्टल डैशबोर्ड पर उपलब्ध करा दिए जाएंगे। वहां से इन्हें सीधे डाउनलोड किया जा सकेगा, जिससे पूरी प्रक्रिया पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज और सुविधाजनक हो जाएगी।
दस्तावेजों के लिए तय किया गया शुल्क
राजस्व विभाग ने विभिन्न दस्तावेजों के लिए शुल्क भी निर्धारित किया है। इंतकाल, फर्द बदर और Registered Sale Deed की प्रमाणित प्रति प्राप्त करने के लिए 100 रुपये का शुल्क रखा गया है। वहीं जमाबंदी की प्रमाणित प्रति के पहले 10 पृष्ठों के लिए 100 रुपये देने होंगे। यदि दस्तावेज 10 पृष्ठों से अधिक का है, तो प्रत्येक अतिरिक्त पृष्ठ के लिए 5 रुपये अलग से लिए जाएंगे।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर रहेगा जोर
प्रशासन का कहना है कि इस डिजिटल व्यवस्था से राजस्व सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और लोगों का समय भी बचेगा। सभी आवेदन और उनकी प्रक्रिया का इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा, जिससे कार्यप्रणाली की निगरानी आसान होगी और जवाबदेही भी सुनिश्चित की जा सकेगी। साथ ही ऑनलाइन ट्रैकिंग सुविधा के कारण आवेदकों को अपने आवेदन की प्रगति जानने के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी।
नागरिकों को मिलेगा सीधा लाभ
नई ऑनलाइन व्यवस्था से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोगों को समान रूप से लाभ मिलने की उम्मीद है। दस्तावेजों की उपलब्धता तेज होने के साथ-साथ आवेदन प्रक्रिया भी अधिक पारदर्शी बनेगी। सरकार का मानना है कि डिजिटल माध्यम अपनाने से राजस्व सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा और नागरिकों को समयबद्ध तरीके से आवश्यक भूमि अभिलेख उपलब्ध कराए जा सकेंगे।