IRCTC Update – 15 जुलाई तक नया पोर्टल लाने की तैयारी
IRCTC Update – रेल यात्रियों को ऑनलाइन टिकट बुकिंग के दौरान आने वाली तकनीकी समस्याओं से जल्द राहत मिल सकती है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संकेत दिया है कि भारतीय रेलवे की टिकट बुकिंग सेवा से जुड़ा नया डिजिटल प्लेटफॉर्म 15 जुलाई तक शुरू किया जा सकता है। उन्होंने यह जानकारी राजस्थान के जयपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान छात्रों के साथ बातचीत में दी।

कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने रेलवे की ऑनलाइन टिकट बुकिंग प्रणाली को लेकर कई व्यावहारिक समस्याएं सामने रखीं। इनमें सबसे अधिक चर्चा टिकट बुकिंग के समय आने वाली तकनीकी बाधाओं और कैप्चा संबंधी दिक्कतों की रही।
छात्रों ने उठाए टिकट बुकिंग से जुड़े सवाल
जयपुर स्थित मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MNIT) में आयोजित कार्यक्रम में रेल मंत्री ने छात्रों से संवाद किया। इसी दौरान एक छात्रा ने ऑनलाइन टिकट बुकिंग के दौरान बार-बार आने वाली कैप्चा समस्या का मुद्दा उठाया और इसके समाधान की मांग की।
मौके पर मौजूद छात्रों ने भी टिकट बुकिंग के अनुभव साझा किए। इसके बाद रेल मंत्री ने संबंधित अधिकारियों से बातचीत की और नई वेबसाइट के विकास कार्य को लेकर जानकारी ली। बातचीत के दौरान उन्होंने संकेत दिया कि रेलवे निर्धारित समयसीमा के भीतर उन्नत डिजिटल प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहा है।
नई वेबसाइट से बेहतर अनुभव की उम्मीद
रेल मंत्रालय के इस कदम को यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मौजूदा समय में बड़ी संख्या में लोग ऑनलाइन माध्यम से टिकट बुक करते हैं, लेकिन विशेषकर तत्काल टिकट बुकिंग के दौरान भारी ट्रैफिक के कारण कई बार वेबसाइट की गति प्रभावित होती है।
यात्रियों की शिकायत रहती है कि व्यस्त समय में पोर्टल धीमा पड़ जाता है या कुछ समय के लिए काम करना बंद कर देता है। नई वेबसाइट के आने के बाद उपयोगकर्ताओं को अधिक तेज, सरल और स्थिर सेवा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
लंबे समय से मिल रही थीं तकनीकी शिकायतें
ऑनलाइन टिकट बुकिंग के दौरान सामने आने वाली समस्याओं में भुगतान संबंधी दिक्कतें भी शामिल रही हैं। कई बार यात्रियों के खाते से राशि कट जाती है, लेकिन टिकट की पुष्टि नहीं हो पाती। ऐसी स्थिति में रिफंड प्रक्रिया पूरी होने तक यात्रियों को इंतजार करना पड़ता है।
इसके अलावा, बार-बार लॉगआउट हो जाना, लॉगिन के दौरान कैप्चा सत्यापन में परेशानी और अंतिम चरण में सीट उपलब्धता से जुड़ी विसंगतियां भी उपयोगकर्ताओं की आम शिकायतों में शामिल हैं। नई प्रणाली में इन तकनीकी चुनौतियों को कम करने पर विशेष ध्यान दिए जाने की संभावना है।
डिजिटल सुधार पर रेलवे का फोकस
भारतीय रेलवे पिछले कुछ वर्षों से अपनी डिजिटल सेवाओं को बेहतर बनाने पर लगातार काम कर रहा है। टिकट बुकिंग, ट्रेन ट्रैकिंग और यात्री सुविधाओं को ऑनलाइन माध्यम से अधिक प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न तकनीकी सुधार किए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ने के कारण मजबूत और आधुनिक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता पहले से अधिक महसूस की जा रही है। नई वेबसाइट इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
MNIT में क्वांटम तकनीक से जुड़ी नई पहल
कार्यक्रम के दौरान रेल मंत्री ने संस्थान के लिए एक और महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने बताया कि एमएनआईटी में एडवांस क्वांटम कंप्यूटिंग और क्वांटम कम्युनिकेशन से संबंधित प्रयोगशाला स्थापित की जाएगी।
उनके अनुसार, यह सुविधा सुरक्षित डेटा ट्रांसमिशन और उन्नत तकनीकी अनुसंधान को बढ़ावा देगी। उन्होंने छात्रों और शोधकर्ताओं से भविष्य की तकनीकों पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया और कहा कि आने वाले वर्षों में क्वांटम तकनीक वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
भविष्य की तकनीक पर दिया जोर
अश्विनी वैष्णव ने छात्रों से बातचीत के दौरान कहा कि वर्तमान समय में तकनीकी विकास का बड़ा हिस्सा Artificial Intelligence से प्रभावित है। हालांकि, भविष्य में क्वांटम तकनीक भी उतनी ही महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार देश की तकनीकी क्षमता को मजबूत करने के साथ-साथ रणनीतिक और सुरक्षा संबंधी जरूरतों को भी नई दिशा दे सकते हैं।