Madhya Pradesh School Holiday: कड़ाके की ठंड और जानलेवा कोहरे का सितम, क्या आपके शहर में भी बंद रहेंगे स्कूल…
Madhya Pradesh School Holiday: मध्य प्रदेश में कुदरत का कहर इस समय अपने चरम पर है, जहां हाड़ कंपाने वाली सर्दी और बर्फीली हवाओं ने आम जनजीवन को पूरी तरह से झकझोर कर रख दिया है। सुबह की शुरुआत घने कोहरे की उस सफेद चादर के साथ हो रही है, जिसमें चंद कदम की दूरी भी दिखाई नहीं देती। प्रशासन ने बिगड़ते (Weather conditions) को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं, क्योंकि तापमान में लगातार हो रही गिरावट स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही है।

35 जिलों में विजिबिलिटी हुई शून्य
प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्से में इस समय कोहरे का राज है, जिसने यातायात व्यवस्था को घुटनों पर ला दिया है। भोपाल, इंदौर और ग्वालियर सहित 35 से अधिक जिलों में सोमवार की सुबह (Heavy fog) के कारण सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम गई। कोहरे का असर केवल सड़कों तक सीमित नहीं है, बल्कि कई महत्वपूर्ण ट्रेनें अपने निर्धारित समय से घंटों देरी से चल रही हैं और हवाई सेवाओं पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
16 जिलों में स्कूलों पर लगा ताला
बच्चों को कड़ाके की ठंड से बचाने के लिए राज्य सरकार ने संवेदनशील रुख अपनाते हुए 16 जिलों में स्कूलों को बंद करने का आदेश जारी किया है। इंदौर जैसे प्रमुख शहरों में छोटे बच्चों के लिए (School closure) की घोषणा की गई है, जहां कक्षा 1 से 8 तक के स्कूल तीन दिनों के लिए बंद रहेंगे। वहीं ग्वालियर और उज्जैन में भी नर्सरी से लेकर प्राथमिक कक्षाओं तक के बच्चों को राहत देते हुए अवकाश घोषित किया गया है, ताकि उन्हें सुबह की भीषण ठंड में घर से बाहर न निकलना पड़े।
अलग-अलग जिलों में अवकाश की समय सीमा
प्रशासन ने स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए छुट्टियों का निर्धारण किया है, जिससे कहीं दो दिन तो कहीं तीन दिन का अवकाश दिया गया है। रायसेन में 7 जनवरी तक प्राथमिक स्कूल बंद रहेंगे, जबकि जबलपुर और मंडला में (Educational institutions) के साथ-साथ आंगनवाड़ी केंद्रों को भी 5 और 6 जनवरी के लिए बंद कर दिया गया है। हरदा, राजगढ़ और अशोकनगर जैसे क्षेत्रों में भी स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्रभाव से एक से दो दिन की छुट्टियां घोषित की गई हैं ताकि शीत लहर के प्रकोप से बचा जा सके।
राजधानी भोपाल में बदली स्कूलों की टाइमिंग
जहाँ एक तरफ कई जिलों में पूर्ण अवकाश है, वहीं राजधानी भोपाल और धार जिले में प्रशासन ने एक मध्यम मार्ग अपनाते हुए स्कूलों के समय में परिवर्तन किया है। अब इन जिलों में (Academic schedule) में बदलाव के कारण कक्षा 8 तक के स्कूल सुबह 9:30 बजे के बाद ही संचालित होंगे। यह निर्णय इसलिए लिया गया है ताकि सुबह जल्दी होने वाली अत्यधिक ठंड और कोहरे के समय बच्चे घरों में सुरक्षित रहें, हालांकि बड़ी कक्षाओं के लिए समय में कोई विशेष बदलाव नहीं किया गया है।
मौसम विभाग की डराने वाली चेतावनी
मौसम विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, अभी राहत मिलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। आने वाले दो दिनों तक राजगढ़, दतिया, छतरपुर और उमरिया जैसे जिलों में (Cold wave alert) जारी किया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण मैदानी इलाकों में तापमान और गिर सकता है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने और ठंड से बचाव के पर्याप्त इंतजाम रखने की सलाह दी है।
परीक्षाओं पर नहीं पड़ेगा कोई असर
भले ही हाड़ कंपाने वाली ठंड के कारण निचली कक्षाओं के लिए स्कूलों में ताले लटक गए हैं, लेकिन जबलपुर जैसे शहरों में प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षाओं पर इसका प्रभाव नहीं पड़ेगा। बोर्ड और स्थानीय (Examination dates) अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही जारी रहेंगी। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे गर्म कपड़ों के साथ परीक्षा केंद्रों पर पहुंचें। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि शैक्षणिक सत्र का नुकसान न हो, जबकि साथ ही बच्चों के स्वास्थ्य के साथ भी कोई समझौता न किया जाए।



