Maritime Security – होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे भारतीय जहाजों पर सरकार की नजर
Maritime Security – ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़े सैन्य तनाव के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार के लिए सबसे संवेदनशील क्षेत्रों में शामिल हो गया है। संघर्ष शुरू होने के बाद इस मार्ग पर जहाजों की आवाजाही गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। हालांकि अप्रैल में युद्धविराम लागू हो चुका है, लेकिन हालात अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। ऐसे में भारत सरकार इस क्षेत्र में मौजूद अपने जहाजों और ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी बनाए हुए है।

भारतीय जहाजों की सुरक्षा बनी प्राथमिकता
केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अनुसार, होर्मुज क्षेत्र में इस समय 13 भारतीय जहाज मौजूद हैं। इनमें एलपीजी टैंकर, कच्चे तेल के टैंकर, कंटेनर पोत, केमिकल टैंकर, बल्क कैरियर और अन्य वाणिज्यिक जहाज शामिल हैं। सरकार का मुख्य उद्देश्य इन जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है ताकि ऊर्जा और व्यापार आपूर्ति पर किसी प्रकार का नकारात्मक असर न पड़े।
विभिन्न मंत्रालयों के बीच हो रहा समन्वय
हाल ही में हुई एक आधिकारिक ब्रीफिंग में शिपिंग निदेशक ओपेश कुमार शर्मा ने बताया कि जहाजों की आवाजाही से जुड़ी रणनीति पर कई सरकारी विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। विदेश मंत्रालय के माध्यम से क्षेत्रीय स्तर पर आवश्यक संपर्क बनाए जा रहे हैं, जबकि पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय और उर्वरक मंत्रालय के साथ मिलकर यह तय किया जा रहा है कि किन जहाजों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए। सुरक्षा कारणों से इस प्रक्रिया के विस्तृत पहलुओं को सार्वजनिक नहीं किया गया है।
कुछ जहाज सुरक्षित रूप से पार कर चुके हैं मार्ग
सरकारी प्रयासों का असर अब दिखाई देने लगा है। हाल के दिनों में बड़ी मात्रा में कच्चा तेल लेकर आ रहा एक भारतीय हितों से जुड़ा टैंकर सफलतापूर्वक होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुका है। अधिकारियों के अनुसार यह पोत निर्धारित समय के भीतर भारतीय तट पर पहुंचने की संभावना रखता है। विदेश मंत्रालय ने भी जानकारी दी है कि कई जहाज सुरक्षित रूप से इस क्षेत्र को पार कर चुके हैं, जबकि कुछ अन्य अभी भी फारस की खाड़ी के आसपास परिचालन में हैं।
शिप ट्रैकिंग डेटा को लेकर सरकार का रुख
जहाजों की गतिविधियों से जुड़ा सार्वजनिक ट्रैकिंग डेटा भी हाल के दिनों में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अधिकारियों ने कहा कि ऐसे प्लेटफॉर्म व्यावसायिक सेवाएं हैं और दुनिया भर में व्यापक रूप से उपयोग किए जाते हैं। उनका मानना है कि डेटा का उपयोग किस उद्देश्य से किया जाता है, यह उपयोगकर्ता पर निर्भर करता है। सरकार के लिए यह जानकारी वर्तमान समय में जहाजों की स्थिति पर नजर रखने और आवश्यक निर्णय लेने में मददगार साबित हो रही है।
वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में होर्मुज का महत्व
ओमान और ईरान के बीच स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में गिना जाता है। वैश्विक स्तर पर तेल और प्राकृतिक गैस की बड़ी मात्रा इसी रास्ते से होकर गुजरती है। इसलिए इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अस्थिरता का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों पर पड़ता है। हालिया तनाव के कारण कई विदेशी शिपिंग कंपनियों ने अपने परिचालन सीमित कर दिए हैं या वैकल्पिक मार्गों पर विचार शुरू कर दिया है।
चुनौतीपूर्ण हालात में जारी है भारतीय व्यापार
क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बावजूद भारत ने अपने समुद्री व्यापार और ऊर्जा आयात को पूरी तरह बाधित नहीं होने दिया है। विभिन्न भारतीय जहाज लगातार निगरानी और सुरक्षा उपायों के बीच इस मार्ग का उपयोग कर रहे हैं। सरकार का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर त्वरित कदम उठाए जाएंगे ताकि देश की ऊर्जा आपूर्ति और व्यापारिक गतिविधियां सुचारु बनी रहें।